संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रेलवे ने 15 मार्च से खजुराहो-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन शुरू किया तो जानकारों ने इसे यह कहकर खारिज कर दिया कि इस ट्रेन को यात्री मिलना मुश्किल हैं। लेकिन, अपने संचालन के मात्र 15 दिन बाद ही वंदे भारत एक्सप्रेस ने एक साल पहले शुरू हुई रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत के यात्रियों की संख्या को पीछे छोड़ दिया है।
12 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खजुराहो-निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन को हरी झंडी दिखाकर बुंदेलखंड को पहली वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात दी थी। इस सौगात को यहां के लोगों ने भी हाथों हाथ लिया। 15 मार्च से इसका नियमित संचालन शुरू हुआ तो जानकारों को यह अंदेशा था कि इस प्रीमियम ट्रेन को यात्री नहीं मिल सकेंगे। लेकिन, इस ट्रेन ने रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत को भी यात्रियों के मामले में पीछे छोड़ दिया है। रानी कमलापति से निजामुद्दीन जाने वाली ट्रेन जब 2 अप्रैल 2023 को चली तो इसकी अधिकांश सीटें खाली ही थीं। लेकिन, खजुराहो-निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस में स्थिति यह है कि यात्री चेयरकार और एग्जीक्यूटिव क्लास में भी 25 से 51 तक वेटिंग ले रहे हैं। शनिवार को वंदे भारत एक्सप्रेस के चेयरकार श्रेणी में वेटिंग लिस्ट 47 है और रविवार को 66 वेटिंग आ रही है। वहीं, एग्जीक्यूटिव क्लास में शनिवार को वेटिंग 23 और रविवार को 7 वेटिंग आ रही है।
खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। टीकमगढ़, खजुराहो और छतरपुर के यात्रियों के लिए यह ट्रेन सुविधा जनक भी है।
मनोज कुमार सिंह, मंडल रेल जनसंपर्क अधिकारी।