वाणिज्य कर विभाग ने कर चोरी करके मंगवाए गए करीब 33 लाख रुपये का गुटका एवं तंबाकू पकड़ने के बाद उस पर 1.10 करोड़ की पेनाल्टी लगा दी। पकड़े गए माल से करीब चार गुना पेनाल्टी लग जाने से व्यापारी माल पर क्लेम करने को सामने ही नहीं आ रहे। वहीं, व्यापारियों के क्लेम न करने से वाणिज्य कर महकमा इनकी नीलामी की तैयारी में है।
जीएसटी में सर्वाधिक 28 प्रतिशत के टैक्स स्लैब में गुटका एवं तंबाकू को रखा गया है। जीएसटी के अलावा दोनों से अलग दर में सेस वसूली भी होती है। गुटका पर 60 प्रतिशत सेस जबकि तंबाकू पर 160 प्रतिशत सेस लगता है। भारी-भरकम टैक्स एवं सेस से बचने की खातिर व्यापारी चोरी छुपे पान मसाला झांसी लेकर आते हैं।
इस महीने टैक्स चोरी करके लाया जा रहा करीब 33 लाख रुपये का माल जीएसटी सचल दस्ते ने पकड़ा। दस्ते ने अंबाबाय में दो गाड़ियां पकड़ीं। दोनों में 12.88 लाख रुपये का पान मसाला भरा था। दोनों पर अलग-अलग 39.67 लाख और 39.67 लाख की पेनाल्टी ठोंक दी गई।
इसी तरह कानपुर से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे तंबाकू उत्पाद को पकड़ा गया। इसमें करीब 6.50 लाख रुपये का माल लदा था। दस्ते ने 20.89 लाख रुपये का जुर्माना ठोंका। जीएसटी अफसरों का कहना है अभी तक कुल करीब 33 लाख का माल पकड़ा गया। पेनाल्टी, टैक्स एवं सेस आदि जोड़ने के बाद इनकी कुल लागत 1.10 करोड़ रुपये हो गई।
यह जुर्माना चुकाने के लिए व्यापारी सामने नहीं आ रहे हैं। अपर आयुक्त (ग्रेड वन) भानु प्रकाश मिश्र का कहना है नियमों के मुताबिक ही इन उत्पादों पर पेनाल्टी लगाई गई है। व्यापारियों के क्लेम न करने से इसकी नीलामी कराई जाएगी।