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Jhansi News: पंडित जी, गांठ पक्की बांधना, जो कभी न खुल पाए

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- सभी खिलखिला पड़े थे, राजा भी नहीं रोक पाए थे हंसी
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-अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अपनी शादी में गठबंधन की रस्म के दौरान रानी लक्ष्मीबाई ने अचानक पंडित से कहा था कि गांठ पक्की बांधना जो कभी ने खुले। यह सुन वहां मौजूद सभी लोग खिलखिला पड़े थे। राजा गंगाधर राव की भी हंसी छूट गई थी। इससे रानी भी सकपका गईं थीं। हालांकि, इसके बाद विवाह की सभी रस्मों के दरम्यान वह शांत बनी रहीं थीं। रानी के मुंह से अचानक निकली इस बात को आज भी याद किया जाता है।
काशी की बेटी मनु का विवाह झांसी के राजा गंगाधर राव के साथ 19 मई 1842 को हुआ था। विवाह के समय रानी की उम्र तकरीबन 15-16 वर्ष थी। उस दौर में इस उम्र में लड़कियों की शादी का रिवाज था। विवाह के दरम्यान रानी लक्ष्मीबाई महाराष्ट्रीय परंपरा के अनुसार नौगजी साड़ी पहने हुए थीं, जबकि राजा गंगाधर राव राजसी लिबास में थे। गणेश मंदिर में पाणिग्रहण संस्कार से पहले गठबंधन की रस्म चल रही थी। राजा और रानी के कंधे पर पड़े कपड़ाें में गांठ लगाई जा रही थी। इसी दरम्यान रानी के मुंह से अचानक निकल गया कि पंडित जी गांठ पक्की बांधना, जो कभी न खुल पाए। यह सुन वहां मौजूद सभी लोग खिलखिला उठे थे, आमतौर पर गंभीर रहने वाले राजा गंगाधर राव भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए थे। तब रानी को लगा कि उनसे कोई गलती हो गई है। इसके बाद वह चुपचाप विवाह की सभी रस्में पूरी करती रहीं।
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महाराष्ट्र गणेश मंदिर कमेटी के सचिव गजानन खानवलकर ने बताया कि मराठी समाज की शादियों में गठबंधन की रस्म के दौरान आज भी रानी की यह बात लोग दोहराते हैं। रानी साधारण से परिवार की बेटी थीं, शादी के बाद वह झांसी की रानी बनने जा रहीं थीं। इसे लेकर वे बेहद उत्साहित थीं। इसी खुशी में उनके मुंह से अचानक यह बात निकल गई थी।
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आज होगी आयोजन की रूपरेखा तैयार
रानी की शादी की 182वीं सालगिरह पर होने वाले आयोजनों की रूपरेखा बृहस्पतिवार को तय की जाएगी। इसके लिए गणेश मंदिर में शाम पांच बजे बैठक होगी, जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग हिस्सा लेंगे। बता दें कि रानी की शादी की सालगिरह 19 मई को है, जबकि इसके अगले दिन लोकसभा चुनाव का मतदान होना है। ऐसे में सालगिरह पर महानगर में शोभा यात्रा नहीं निकाली जाएगी। रानी और राजा के प्रतीकात्मक विवाह का आयोजन गणेश मंदिर में होगा। इसके अलावा अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
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