झांसी। पंचायत चुनावों में सड़क, पानी, अन्ना जानवर जैसी समस्याएं छाई हुई हैं। मतदाता चुनाव को मौका मान रहे हैं। प्रचार के लिए पहुंचने वाले उम्मीदवारों से ग्रामीण मतदाता सड़क, पानी को लेकर सवाल कर रहे है। बड़ागांव ब्लॉक के कोलवा ग्राम पंचायत के बरेठी, हनुमान की टौरिया, बेर की खिरक, झुंडे बाबा का खिरक, नोटछीर आदि मजरों में पीने के पानी की जबरदस्त किल्लत है। हैंडपंप के सहारे ही लोगों को पीने का पानी मिलता है लेकिन, गर्मी आते-आते इनका जलस्तर नीचे चला जाता है। अधिकांश हैंडपंप शोपीस बन जाते हैं। कई घरों में बोरिंग हुई लेकिन, गर्मियों में यह भी फेल हो जाती है। ऐसी स्थिति में ग्राम पंचायत से कोई मदद नहीं मिलती। इन परिस्थितियों के चलते अब यहां के मतदाता गांव में आने वाले उम्मीदवारों से पीने के पानी को लेकर सवाल कर रहे हैं। स्थानीय मतदाताओं का कहना है कि करीब दस वर्ष पहले जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछवाई गई लेकिन, आज तक उसका कोई अता-पता नहीं चला। आसपास की दूसरी ग्राम पंचायतों की भी यही दशा है। पीने के पानी के साथ ही इन ग्राम पंचायतों में भीतरी मार्ग भी दुरूस्त नहीं हैं। गांव के अंदर मजरों तक जाने वाले कई रास्ते भी कच्चे हैं। बारिश्र के दिनों में यह रास्ता कीचड़ से भर जाता है। मतदाताओं का कहना है कि उसी उम्मीदवार को वोट करेंगे, जिसके भीतर इन समस्याओं से निपटने का जज्बा होगा। उम्मीदवारों से अन्ना पशुओं की रोकथाम को लेकर भी मतदाता सवाल पूछ रहे हैं।
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पीने के पानी की सबसे बड़ी समस्या है। हम लोगों ने तय किया है कि इस समस्या से निजात दिलाने वाले को ही वोट करेंगे
बृजेेंद्र
गर्मियों में पानी दूर से लाना पड़ता है। हैंडपंप भी काम नहीं करते। गांव की समस्या दूर करने वालों को ही हम लोग वोट करेंगे।
बलराम यादव
किसी चुनाव में पहली बार मतदान करने जा रहा हूं। इसको लेकर उत्साह है। गांव की समस्या दूर करने वाले को ही वोट दूंगा।
रामेश्वर
गांव में बहुत सारी समस्याएं हैं। मजरे तक खंडजा नहीं बिछा है। बिजली का बिल अधिक आता है लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।
श्यामलाल