झांसी। अब बीएससी नर्सिंग के छात्र एम्स जाकर मरीजों की देखभाल करना सीखेंगे। दवाओं से लेकर जरूरी मरीजों के संचालन तक की जानकारी उन्हें दी जाएगी। इसके लिए एम्स, दिल्ली से महारानी लक्ष्मीबाई पैरामेडिकल ट्रेनिंग कॉलेज का अनुबंध हो गया है। फरवरी से पहले बैच का प्रशिक्षण शुरू होगा। पैरामेडिकल कॉलेज में एकमात्र डिग्री कोर्स बीएससी नर्सिंग चलता है। इस बार बीएससी नर्सिंग में 60 सीटें हो गई हैं। अब तक यहां पढ़ने वाले छात्रों का मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षण होता था। मगर इस बार से छात्र-छात्राओं को एम्स भेजा जाएगा। नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मधुसूदन ने बताया कि एम्स के साथ पैरामेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. अंशुल जैन ने अनुबंध करा दिया है। फरवरी से चार-पांच छात्रों का ग्रुप एक महीने एम्स में रहेगा। छात्र वहां न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी आदि विभागों में मरीजों की होने वाली देखरेख का तरीका सीखेंगे। मरीजों को वेंटिलेटर लगाना, वेंटिलेटर पर भर्ती मरीज की निगरानी करना, दिल की धड़कन को बहाल करने के लिए इलेक्ट्रिक पल्स या शॉक देना (डिफिब्रिलेटर), विषाक्त का सेवन करने वाले रोगी को धीरे-धीरे लगातार कम मात्रा में दवा देना आदि के बारे में नर्सिंग छात्रों को एम्स में विशेषज्ञों द्वारा सिखाया जाएगा।
मिलेगा प्रमाणपत्र, नौकरी में मिलेगी मदद
बताया गया कि प्रशिक्षण के लिए जाने वाले छात्र-छात्राओं को एम्स द्वारा प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। इससे छात्र-छात्राओं को नौकरी में भी मदद मिलेगी।