अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। प्रदेश में जमीन खरीद में फर्जीवाड़ा पर जल्द ही रोक लग जाएगी। स्टांप, न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष से मालिकाना हक जांचने के बाद जमीन की रजिस्ट्री होगी। इसके लिए सरकार कानून बना रही है। उन्होंने यह जानकारी बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी।राज्यमंत्री ने कहा कि कानून बनाने को लेकर सर्वे जारी है। इसके तहत, खतौनी और नगर निगम के गृहकर की रसीद की जांच कराई जाएगी। ऐसी व्यवस्था बनवाई जाएगी कि गृहकर की रसीद ऑनलाइन उपलब्ध हो जाए। रजिस्ट्री ऑफिस में लेखपाल उपस्थित रहेगा, वह खतौनी को प्रमाणित करेगा। फिर रजिस्ट्रार रजिस्ट्री करेगा। मौके पर ही रजिस्ट्री करवाने वाले का नाम पर प्रॉपर्टी हो जाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि अब तक महिलाओं को 10 लाख रुपये तक प्रॉपर्टी खरीदने में छूट मिलती है। जल्द ही एक करोड़ तक प्रॉपर्टी खरीदने पर महिलाओं को ये छूट मिलेगी। अभी खून के रिश्ते में सिर्फ पांच हजार रुपये में जमीन की रजिस्ट्री हो रही है। पहले लोगों को सात फीसदी स्टांप शुल्क देना पड़ता था। उन्होंने बताया कि इस छूट का लाभ प्रदेश के साढ़े चार लाख लोग ले चुके हैं। कहा कि प्लॉट की रजिस्ट्री होने के तीन महीने के अंदर विभाग को जांच करनी होगी। इस तरह की शिकायतें आ रही हैं कि एक से दो साल बाद टीम जांच करने जाती है, तब तक निर्माण हो चुका होता है। ऐसे में विवाद की स्थिति बनती है। इस दौरान मेयर बिहारी लाल आर्य, महानगर अध्यक्ष हेमंत परिहार मौजूद रहे।