झांसी। दस से बीस साल पुराने जल कर की वसूली को लेकर जल संस्थान और कारोबारियों के बीच चली आ रही लड़ाई का पटाक्षेप हो गया है। जल संस्थान द्वारा अब तीन साल का बकाया जल कर ही वसूला जाएगा। वसूली के लिए काटी गईं आरसी भी वापस ली जाएंगी। इसके अलावा जो उपभोक्ता आरसी कटने के बाद रकम अदा कर चुके हैं, उनकी धनराशि आगामी बिलों में समायोजित की जाएगी।
जल संस्थान द्वारा साल 2021 में 974 कारोबारियों की आरसी काटी गईं थीं। संस्थान की इन कारोबारियों से 10 से 20 साल पुराना 17 करोड़ रुपये का बकाया जल कर वसूलने की तैयारी थी। संस्थान के इस फैसले के खिलाफ कारोबारी न्यायालय चले गए थे। न्यायालय ने स्थानीय स्तर पर मामले को सुलझाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कारोबारियों की ओर से यह मुद्दा मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में उठाया गया।
इस मसले पर मंडलायुक्त के निर्देश पर मंगलवार को एक बैठक हुई, जिसमें जल संस्थान के जीएम मनोज कुमार आर्य, अधिशासी अभियंता रमाशंकर सिंह बादलीवाल, ऑडिटर मो. शफीक समेत बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष धीरज खुल्लर व उपाध्यक्ष मुकेश गुप्ता मौजूद रहे। बैठक में तय हुआ कि स्थानीय लोक अदालत - 2015 के निर्देशानुसार कारोबारियों से तीन साल से ज्यादा बकाये की वसूली नहीं की जाएगी। इसके अलावा कारोबारियोें की जारी की गईं आरसी वापस ली जाएंगी और तीन साल की गणना करते हुए संशोधित बिल बनाकर सभी को भेजे जाएंगे। इतना ही नहीं, जिन उपभोक्ताओं की ओर से धनराशि जमा की जा चुकी है, उस धनराशि को आगामी वर्ष में समायोजित किया जाएगा।
कारोबारी मुकेश गुप्ता ने बताया कि इस फैसले का लाभ महानगर के अन्य हजारों सामान्य उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।