झांसी। उधार ली गई रकम की अदायगी न करने पर अतिरिक्त न्यायालय ने अभियुक्त को एक साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही चार लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने तीन साल पुराने मामले में फैसला सुनाया है।
पुलिस की कच्ची घरैया लाइन निवासी आरिफ हुसैन ने अतिरिक्त न्यायालय में मुकदमा दायर किया था, जिसमें बताया था कि उसने एक जुलाई 2019 को बाहर सैंयर गेट निवासी कृष्ण गोपाल को दो लाख बीस हजार रुपये उधार दिए थे। इसके एवज में कृष्ण गोपाल ने चेक दिया था। तय अवधि गुजरने पर चेक बैंक में प्रस्तुत की गई। लेकिन, खाते में पर्याप्त धनराशि न होने की वजह से चेक बाउंस हो गई। इसके बाद रकम की वापसी के लिए आरिफ हुसैन की ओर से कृष्ण गोपाल को नोटिस दिए गए थे। बावजूद, रकम की अदायगी नहीं हुई।
न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त कृष्ण गोपाल को एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही चार लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की धनराशि में से दो लाख बीस हजार रुपये परिवादी को बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाएंगे।
दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
झांसी। विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार खरे ने बताया कि एक व्यक्ति ने बड़ागांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि 13 नवंबर 2019 उसकी नाबालिग बेटी स्कूल से घर लौट रही थी। इसी दरम्यान क्षेत्र का ही रामचरन उर्फ रामप्रसाद बहला-फुसलाकर उसे अपने साथ ले गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को 28 जून 2020 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से आरोपी जेल में ही बंद था। उसकी ओर से रिहाई के लिए जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे न्यायालय ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। ब्यूरो