झांसी। जनपद की गरौठा तहसील में बनने वाले प्रदेश के सबसे बड़े सोलर पार्क के लिए जमीन देने की सहमति दे चुके 285 किसान बाद में इससे पीछे हट गए थे। इससे योजना का काम प्रभावित हो गया था। लेकिन, अब ये बाधा दूर हो गई। अब छह की जगह आठ गांवों में जमीन ली जा रही है। इसके साथ ही काम ने रफ्तार पकड़ ली है। एक साल बाद यहां विद्युत उत्पादन शुरू हो जाएगा।
गरौठा में तीन हजार एकड़ भूमि पर नेडा और टुस्को कंपनी द्वारा 600 मेगावाट का सोलर पार्क विकसित किया जा रहा है। पहले ये जलालपुरा, जसवंतपुरा, पुरा, सुजानपुरा, नदौरा व बरारू गांव में विकसित किया जा रहा था। इन गांवों के 1353 किसानों से 30 साल की लीज पर उनकी जमीन ली जानी थी। जमीन का किराया 20 हजार रुपये प्रति एकड़ तय किया गया था। इस पर सभी किसानों ने अपनी सहमति जता दी थी। लेकिन, बाद में 285 किसानों ने जमीन देने से अपने हाथ खड़े कर दिए थे। इससे सोलर पार्क की स्थापना का काम भी प्रभावित हो गया था। तमाम कोशिशों के बाद भी किसान मान नहीं रहे थे। इस पर योजना का विस्तार दो गांवों में और कर दिया गया। अब मोतीकटरा और खड़ौरा में भी जमीन ली जा रही है। इन गांवों के किसानों ने जमीन देने पर सहमति जता दी है। दो हजार एकड़ से अधिक जमीन ली भी जा चुकी है। मार्च 2024 में यहां विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।
पहले सहमति देने के बाद कई किसानों ने बाद में जमीन देने से हाथ खड़े कर लिए थे, जिसके चलते परियोजना का विस्तार मोतीकटरा व खड़ौरा गांव में भी कर दिया गया है। ज्यादातर जमीन ली जा चुकी है। ली गई जमीन पर फेंसिंग की जाने लगी है। मार्च 2024 तक प्लांट से विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।
- मनोज सरदाना, जीएम प्रोजेक्ट
औद्योगिक विकास को गति देगा मैन्युफैक्चरिंग जोन
झांसी। एक दशक पहले जनपद में नेशनल मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना की कवायद शुरू की गई थी। इसके लिए गरौठा और टहरौली तहसील के गांवों की 5597.102 हेक्टेअर जमीन चिह्नित की गई थी। गरौठा के गेंदा कबूला, कठर्री, गोरा, जुझारपुरा, ठहरका, हरदुवा, शैतानपुरा, कामेरा व झबरा गांव में जमीन ली जानी थी, जबकि टहरौली के समशेरपुरा, बेंदा, पथरेडी, सुरवई व देवरा सारन की जमीन चिह्नित की गई थी। यहां मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों की स्थापना की जानी थी। योजना को तत्कालीन केंद्र सरकार की स्वीकृति भी मिल गई थी। लेकिन, बाद में योजना ठंडे बस्ते में चली गई थी। लेकिन, अब एक बार फिर से इसकी स्थापना की दिशा में कार्यवाही शुरू कर दी गई है। उद्योग विभाग के उपायुक्त मनीष चौधरी ने बताया कि नेशनल मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए पत्राचार शुरू कर दिया गया है। जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति प्रदान करेगी।