कोरोना संक्रमित बुजुर्ग की मौत के बाद उसका इलाज करने वाले नर्सिंगहोम और जांच करने वाले डायग्नोस्टिक सेंटर को स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को सील कर दिया। इनमें कार्यरत डाक्टर और स्टाफ के कोरोना सैंपल लिए गए हैं, रिपोर्ट आना अभी बाकी है। जिले में कोरोना संक्रमित मरीज की मौत का मंगलवार को पहला मामला सामने आया था। इससे स्वास्थ्य विभाग में हाई अलर्ट की स्थिति है। आनन फानन में इस 63 वर्षीय वृद्ध मरीज की हिस्ट्री खंगाली गई, जिसमें सामने आया कि मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले मेडिकल के गेट नंबर दो के सामने स्थिति एक नर्सिंग होम में उसका इलाज चल रहा था। सोमवार को भी वृद्ध इलाज के लिए नर्सिंग हो गया था। इतना ही नहीं, वृद्ध ने मेडिकल के पास स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर में एमआरआई भी कराई थी। इसकी जानकारी होने पर ये दोनों केंद्र स्वास्थ्य विभाग के रडार पर आ गए थे। निजी अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर कोरोना वायरस के वाहक न बनें, इसके लिए बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों पर ताला जड़ दिया। साथ ही, नर्सिंगहोम और डायग्नोस्टिक सेंटर के डॉक्टरों और स्टाफ की कोरोना वायरस की जांच के लिए सैंपल भी लिए गए हैं। सैंपल लेकर जांच के लिए कोविड लैब में भेज दिए गए हैं। बृहस्पतिवार तक इनकी जांच रिपोर्ट आने की संभावना है।