झांसी। बबीना पेयजल योजना की निविदा प्रक्रिया से अधिशासी अभियंता (सिविल) को हटाकर जानबूझकर उरई शाखा के अधिशासी अभियंता को शामिल किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। यह मामला उजागर होने के बाद अधीक्षण अभियंता सुनील यादव ने पलटवार करते हुए मुख्य अभियंता को रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में अधीक्षण अभियंता सुनील यादव ने दावा करते हुए कहा कि समिति का पुनर्गठन पूरी तरह नियम सम्मत था। उनका तर्क है कि अधिशासी अभियंता की ओर से समय पर प्राक्कलन उपलब्ध न कराने की वजह से कार्य कराने में विलंब हो रहा था। नई निविदा के लिए 10 और 20 फरवरी को संबंधित संशोधित प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन प्राक्कलन उपलब्ध नहीं कराया गया। इससे नई निविदा समय पर जारी नहीं हो सकी। उन्होंने इसे आपत्ति जनक बताते हुए अपने कदम को सही ठहराया हालांकि इस मामले की अभी जांच चल रही है। बता दें, शिकायतकर्ता डॉ.अरुण कुमार सिंह ने सीएमडी से शिकायत करते हुए अधीक्षण अभियंता पर अपनी चहेती फर्म को करोड़ों रुपये का ठेका दिलाने के लिए नियमों में खिलवाड़ करने का आरोप लगाया था। इस मामले की जांच मुख्य अभियंता की ओर से की जा रही है।