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Jhansi News: अब डराने लगा कैंसर का तेजी से बढ़ता ग्राफ

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28 से 30 वर्ष के युवा भी आ रहे चपेट में, मेडिकल कॉलेज में छह माह के अंदर 270 लोगों में कैंसर की पुष्टि
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अब कैंसर का तेजी से बढ़ता ग्राफ डराने लगा है। 28-30 साल के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी लैब ने छह माह में 270 से ज्यादा लोगों में कैंसर की पुष्टि की है।
बुंदेलखंड में पान, तंबाकू, गुटखा, मादक पदार्थों का ज्यादा सेवन किया जाता है। पेयजल भी पर्याप्त मानक के अनुरूप नहीं मिलता है। मिलावटी और दूषित खानपान की भी खूब बिक्री होती है। इन वजहों से लोग कई जानलेवा बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, जिसमें कैंसर सबसे ज्यादा है। कैंसर डॉक्टरों का कहना है कि अभी तक 40 वर्ष से ज्यादा आयु के लोगों में कैंसर की पुष्टि होती थी मगर अब 28-30 साल के युवा भी तेजी से चपेट में आ रहे हैं। इसकी वजह 14-15 वर्ष की उम्र से गुटखा, तंबाकू व मादक पदार्थों का सेवन करना है, जो सबसे ज्यादा घातक है। डॉक्टर ने बताया कि बुंदेलखंड में 40 फीसदी लोगों में मुंह का कैंसर मिल रहा है। महिलाओं में सबसे ज्यादा स्तन कैंसर व बच्चेदानी का कैंसर मिल रहा है। मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी ने जनवरी से अब तक 270 लोगों में कैंसर होने की पुष्टि की है। यदि प्राइवेट पैथोलॉजी व उच्च चिकित्सा संस्थानों का आंकड़ा शामिल कर लिया जाए तो रोंगटे खड़े होना लाजिमी है।
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0- 2023 में 490 रोगियों में हुई कैंसर की पुष्टि
मेडिकल कॉलेज में 2023 में उपचार कराने आए 490 रोगियों में कैंसर की पुष्टि हुई थी। इनमें से कुछ रोगी उपचार कराने ग्वालियर अथवा बाहर चले गए तो कई अभी तक यहां उपचार करवा रहे हैं।

0- मेडिकल काॅलेज में सिर्फ कीमोथैरेपी, रेडियो थैरेपी नहीं
मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2017-18 तक कैंसर रोगी का कीमो व रेडियो थैरेपी से उपचार होता था। किन्हीं कारण से रेडियो थैरेपी मशीन वापस चली गई। जिससे अब सिर्फ कीमोथैरेपी से उपचार होता है। यदि किसी को रेडियो थैरेपी की जरूरत है, तो उसे कानपुर, ग्वालियर या सहूलियत से दूसरी जगह जाना पड़ता है।

0- बायोप्सी अथवा साइटो पैथोलॉजी से होती है पुष्टि
कैंसर रोग की पुष्टि करने के लिए मेडिकल कॉलेज में बायोप्सी (ऑपरेशन से निकाली गांठ) अथवा एफएनएसी (सुई से निकाले पानी) की जांच की जाती है। कॉलेज में एफएनएसी की जांच के लिए अत्याधुनिक मशीन है।

0- ये कहना है चिकित्सकों का
बुंदेलखंड में वाकई कैंसर रोगियों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी छह माह में बायोप्सी से 180 तथा एफएनएसी से 90 से ज्यादा लोगों में कैंसर की पुष्टि कर चुकी है।
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- डॉ. मयंक सिंह, पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज


बढ़ती उम्र में तंबाकू, धूम्रपान व मादक पदार्थ का सेवन करने से युवा भी कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। महिलाओं में स्तन कैंसर भी ज्यादा हो रहा है, जो चिंता का विषय है।
- डॉ. सचिन माहुर, कैंसर विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज
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