संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बीमारी का बहाना बनाकर बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी न करने वाले शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों पर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शिकंजा कसा है। अब चिकित्सकीय अवकाश लेने पर शिक्षक व प्रधानाचार्यों को मेडिकल रिपोर्ट डीआईओएस कार्यालय में जमा करनी पड़ेगी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग से उनकी अस्वस्थता की पुष्टि कराई जाएगी।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 22 फरवरी से शुरू हो रही हैं। ऐसे में शिक्षक और प्रधानाचार्य ड्यूटी करने से कतरा रहे हैं। कई शिक्षक व प्रधानाचार्य डीआईओएस कार्यालय में छुट्टी के लिए आवेदन कर चुके हैं। परिषद ने अब छुट्टी के लिए आवेदन करने वालों से मेडिकल रिपोर्ट मांगी है। इसकी जांच मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कराई जाएगी। इसके बाद ही शिक्षकों की छुट्टी स्वीकृत की जाएगी। डीआईओएस राजेश कुमार सिंह के मुताबिक शिक्षकों की छुट्टी के आवेदन काफी आ रहे हैं। अवकाश के आवेदनों की जांच की जाएगी। बीमारी के नाम पर छुट्टी लेने वालों को मेडिकल रिपोर्ट देनी होगी।