झांसी। रेलवे स्टेशन पर गाय के गोबर से बने उत्पाद बिकेंगे। रेलवे ने ओएसओपी योजना के तहत इसे चुना है। इसके अलावा स्टेशनों पर जड़ी-बूटी से लेकर पापड़, अगरबत्ती समेत हैंडलूम के उत्पाद भी बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। इन उत्पादों के लिए झांसी मंडल के 51 रेल स्टेशन चिन्हित कर लिए गए हैं। रेल अफसरों का कहना है वोकल फॉर लोकल के लिए योजना शुरू हुई है।
स्थानीय उत्पाद एवं उसके कारीगरों को बढ़ावा देने की खातिर रेलवे ने वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट (ओएसओपी) योजना लांच की है। इसके जरिए स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए स्टेशन पर जगह दी जाएगी। सामान्य तौर पर इसके लिए रेलवे हर माह लाखों रुपये वसूलता है लेकिन, स्थानीय कारीगरों को महज एक हजार रुपये में यह जगह दी जाएगी। पंद्रह दिन तक वह यहां अपना स्टॉल लगा सकेंगे। अलग-अलग उत्पाद के लिए अलग-अलग स्टेशन तय कर दिए गए हैं। ग्वालियर के आगे बिरलानगर स्टेशन पर गाय के गोबर से बने उत्पाद बेचे जाएंगे। इसी तरह झांसी स्टेशन पर साफ्ट ट्वायज एवं बेर के उत्पाद। मोंठ में अगरबत्ती एवं मोमबत्ती, बरुआसागर में अदरक एवं अमरुद, रानीपुर रोड में रानीपुर हैंडलूम टेक्साइटल, बबीना में पापड़ एवं अगरबत्ती, ओरछा में टेराकोटा उत्पाद एवं कढ़ाई, निवाड़ी में अमरुद एवं मूंगफली, ललितपुर स्टेशन पर अचार, पापड़ एवं बांस के उत्पाद, मऊरानीपुर में रानीपुर हैंडलूम, हरपालपुर में हथकरघा उत्पाद, डबरा स्टेशन गुड एवं बेकरी उत्पाद, दतिया में हस्तनिर्मित पूजन सामग्री के लिए जगह दी जाएगी। भरतकूप स्टेशन में में जड़ी-बूटी, मुरब्बा एवं अचार की बिक्री की जा सकेगी। सिंहपुर में कठिया गेहूं, शिवरामपुर में आयुर्वेदिक उत्पाद बेंचे जा सकेंगे। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह के मुताबिक पंजीकृत कारीगर को इसका लाभ दिया जाएगा। 5 अगस्त तक आवेदन मांगे गए हैं।