संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। व्यावसायिक रूप में प्रयोग किए जा रहे निजी वाहनों को अब महज डेढ़ प्रतिशत अधिक एकमुश्त टैक्स जमा कर व्यावसायिक रूप में पंजीकरण कराया जा सकेगा। संभागीय परिवहन अधिकारी अरविंद कुमार त्रिवेदी ने बताया कि नई राहत योजना के तहत निजी वाहनों का व्यावसायिक इस्तेमाल करके टैक्स चोरी की जाती थी। इसे दूर करने के लिए 10 लाख कीमत के चार पहिया वाहनों को व्यावसायिक में पंजीकृत कराने पर वाहन के मूल्य का 10.5 प्रतिशत एकमुश्त टैक्स जमा कराने की सुविधा दी गई है जबकि प्राइवेट श्रेणी में दर्ज कराने पर 9 फीसदी टैक्स देना होता है। ऐसे में महज 1.5 प्रतिशत टैक्स अधिक जमा कर वाहन स्वामी अपने वाहन का व्यावसायिक प्रयोग कर विभिन्न प्रकार की कानूनी अड़चनों एवं चालानों से बच सकेंगे। निजी रूप से पंजीकृत टैक्सी कैब एवं मैक्सी कैब को व्यावसायिक वाहन में परिवर्तित किए जाने की भी सुविधा दी गई है।