- अभी तक खर्च की मंजूरी के लिए करनी पड़ती थी प्रतीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शासन ने जीवन रक्षक उपकरणों की मरम्मत के खर्चे की बंदिश खत्म कर दी है। यानी अब उपकरण खराब होते ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन उसे सही करवा सकेगा।
वेंटिलेटर हो या सीसी मशीन अथवा अन्य छोटे उपकरण, इन्हें सही कराने के लिए अब तक मेडिकल कॉलेज को अनुमति का इंतजार करना पड़ता था। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया, मेडिकल कॉलेज में रोजाना सैकड़ों रोगी आते हैं, ऐसे में जीवन रक्षक उपकरण लगातार कार्यशील रहते हैं। इस वजह से आए दिन यह खराब हो जाते हैं, जिन्हें सही कराने के लिए स्वीकृति का इंतजार करना पड़ता था, मगर अब शासन ने बंदिशें खत्म कर दी हैं। अब उपकरण खराब होने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन उन्हें अपने स्तर से सही करवा सकेगा।
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एमआरआई का प्रस्ताव शासन को भेजा : मेडिकल कॉलेज में लगी एमआरआई मशीन छह माह पहले खराब हो गई थी, जो तमाम प्रयास के बाद भी सही नहीं हो पाई। इंजीनियरों ने एमआरआई मशीन कंडम घोषित कर दी है, जिससे जांच बंद है। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि शासन को नई एमआरआई मशीन लगाने का प्रस्ताव भेज दिया है। जल्द नई मशीन लगने की उम्मीद है। ब्यूरो