- कोच फैक्टरी प्रशासन ने 16 करोड़ से मंगाया रोबोट
- एक दिन में एक कोच पर रंग कर देता है रोबोट
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। नगरा हाट के मैदान में बनी रेल कोच नवीनीकरण फैक्टरी में कोच मरम्मत और उस पर पेंट करने में कर्मचारी दस दिन का समय लेते हैं। अब यहां 16 करोड़ रुपये कीमत का एक अपग्रेड जापानी रोबोट मंगवाया जा रहा है। इससे एक दिन में एक कोच पर पेंट किया जा सकेगा।
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नगरा हाट के मैदान में 80 एकड़ भूमि पर 435 करोड़ रुपये की लागत से बनी रेल कोच नवीनीकरण फैक्टरी में पुराने आईसीएफ कोच को एलएचबी कोच में बदलने का काम किया जाता है। यहां बने हर शेड में लगाई मशीनों में से 95 प्रतिशत मशीनें भारतीय कंपनियों ने ही तैयार किया है। अब इससे एक कदम और आगे बढ़ते हुए फैक्टरी प्रबंधन ने जापानी तकनीक से लैस 16 करोड़ रुपये कीमत का एक और आधुनिक रोबोट मंगवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो जल्दी ही रेल कोच नवीनीकरण फैक्टरी पहुंच जाएगा। इस रोबोट से मात्र एक दिन में एक कोच को कलर किया जा सकेगा।
एक घंटे में सूख जाएगा कोच
जापानी तकनीक से बने रोबोट से पेंट होने के बाद कोच को शेड में भेजा जाएगा। यहां कोच महज एक घंटे में सूखकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद जल्द से जल्द अपने स्थान पर पहुंचेगा। इस व्यवस्था से काम जल्द होने के साथ समय की भी बचत होगी।
साल में 500 कोच तैयार करने का है लक्ष्य
कोच फैक्टरी में आने वाले कोचों की बड़े पैमाने पर मरम्मत और साज सज्जा हो सके। इसके लिए फैक्टरी में शेडों की संख्या बढ़ाई गई है। रेलवे ने यहां 500 कोच प्रतिवर्ष तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
वर्जन
हमने अपग्रेड जापानी रोबोट मंगवाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। जल्दी ही रोबोट की डिलीवरी हो जाएगी। इसके बाद कोच पर पेंट करने का काम और तेजी से किया जा सकेगा।
अतुल कनौजिया, मुख्य कारखाना प्रबंधक, रेल कोच नवीनीकरण फैक्टरी।