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Jhansi News: यहां तो पर्चा ही नहीं बनेगा, नर्सिंगहोम में इलाज कराओ, तभी मरीज ठीक होगा

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। यहां तो पर्चा ही नहीं बनेगा। मरीज को ठीक करवाना है तो निजी अस्पताल लेकर चलो। मेरी जान पहचान का एक अस्पताल है, जहां अच्छा इलाज होता है। कुछ इस तरह मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर नर्सिंगहोम के दलाल मरीजों को अपने जाल में फंसाने लगे हैं। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की पड़ताल में ये बात सामने आई।
करैरा निवासी दीपक कुशवाहा दो दिन पहले कुएं में गिर गए थे। इसी के बाद से उनकी कमर में तेज दर्द होने लगा। बृहस्पतिवार को वह इलाज कराने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उनके साले खेमराज ने बताया कि जैसे ही गाड़ी मेडिकल कॉलेज के गेट से परिसर में दाखिल हुई एक दलाल उनके पीछे लग गया। पर्चा बनने वाली बिल्डिंग के बाहर उन्होंने गाड़ी खड़ी की तो दलाल भी आ गया। वह कहने लगा कि यहां पर पर्चा ही नहीं बनेगा। अच्छा होगा कि निजी अस्पताल में जाकर इलाज कराओ। वरना मरीज ठीक नहीं होगा। उसने एक अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा। बोला कि कोई परेशानी नहीं होगी। अच्छा इलाज हो जाएगा। वह मरीज के परिजनों को अपने जाल में फंसा ही रहा था कि इसी बीच वहां सुरक्षा गार्ड पहुंच गया और दलाल मौके से भाग गया। फिर गार्ड ने मरीज का पर्चा बनवाया और चिकित्सक को दिखाने के लिए भेज दिया।
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वहीं, मऊरानीपुर के अकसेव के रहने वाले राम प्रताप पटेल भी बृहस्पतिवार को अपनी पत्नी को दिखाने के लिए मेडिकल कॉलेज आए थे। उनकी पत्नी को कई दिनों से सीने में दर्द हो रहा था। बताया कि जैसे ही वो गेट से कॉलेज कैंपस में दाखिल हो रहे थे। तभी उन्हें दलाल मिल गया। उसने जिले के एक बड़े अधिकारी का नाम लेते हुए कहा कि कॉलेज में वो आए हुए हैं। सभी चिकित्सक व्यस्त हैं। अब इलाज नहीं होगा। उसने खुद को एंबुलेंस कर्मचारी बताया और निजी अस्पताल में ले जाने के लिए जाल बुनना शुरू कर दिया। राम प्रताप ने कहा कि अधिकारी आएं हैं तो और बेहतर इलाज होगा। इसलिए वह उसके जाल में नहीं फंस पाए।

पिछले साल डीआईजी ने छापा मारकर पकड़ा था बड़ा नेटवर्क
मेडिकल कॉलेज में पिछले साल 14 जनवरी को तत्कालीन डीआईजी जोगेंद्र कुमार ने नर्सिंगहोम की सौदेबाजी का बड़ा नेटवर्क पकड़ा था। इस दौरान पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार भी किया था। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इनमें पांच के पास एंबुलेंस थी। इन सभी पर मोटा कमीशन लेकर मरीजों को मेडिकल कॉलेज से नर्सिंगहोम पहुंचाने का आरोप था। इसके बाद से कॉलेज में दलालों की सक्रियता बहुत कम हो गई थी। मगर अब फिर से दलाल सक्रिय हो गए हैं।
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वर्जन..
कैंपस में मरीजों की सहायता के लिए ओपीडी मित्र तैनात किए गए हैं। सुरक्षा गार्ड भी नजर रखते हैं कि कोई भी दलाल कैंपस में न घुस पाए। कोई भी दलाल पकड़ में आएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाई जाएगी। - डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज।
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