जोरदार प्रहार करके सिर की हड्डी तोड़ दिए जाने से हुई मौत
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी शंकर लाल कुशवाहा की हत्या के बाद से उनके साथ रहने वाली महिला का कुछ पता नहीं चल रहा। पुलिस पिछले 36 घंटे से उसको तलाश रही है लेकिन, उसका सुराग नहीं लगा। पुलिस ने महिला के एक रिश्तेदार समेत छह लोगों को पूछताछ के लिए उठाया। इन लोगों ने कुछ अहम बातें बताईं। इसके जरिये लापता महिला का सुराग लगाने की कोशिश की जा रही है। हत्याकांड के खुलासे में महिला बड़ी मददगार साबित हो सकती है।
बुधवार को डेली गांव में हंसराज स्कूल के पीछे बने घर से केनरा बैंक से सेवानिवृत्त अधिकारी शंकरलाल का शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर की हड्डी में जोरदार प्रहार करके तोड़ दिए जाने से मौत की बात सामने आई है। वहीं, इस पूरे मामले में सबसे संदिग्ध घर से लापता हुई महिला बताई जा रही है, लेकिन पुलिस को उसका सुराग ही नहीं मिल रहा है। परिजनों का कहना है खाना बनाने वाली की जरूरत होने पर शंकर लाल ने विज्ञापन निकाला था। इस बहाने से महिला शंकरलाल के संपर्क में आई। कुछ समय बाद उसने शंकरलाल को अपने जाल में फंसा लिया। शंकरलाल से उसने लाखाें रुपये अपने रिश्तेदारों को दिलवा दिए। एसएसपी राजेश एस का कहना है कि हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। लापता महिला को भी तलाशा जा रहा है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
जेल से बाहर नहीं आ पाया पत्नी की हत्या का आरोपी पति
न्यायालय ने स्वीकार नहीं की जमानत अर्जी, खारिज की
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पत्नी की हत्या का आरोपी पति जेल से बाहर नहीं आ पाया। सत्र न्यायाधीश सुयश प्रकाश श्रीवास्तव की अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
जिला शासकीय अधिवक्ता मृदुलकांत श्रीवास्तव ने बताया कि गरौठा निवासी ख्याली पाल ने रक्सा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि उसकी बेटी रजनी की शादी साल 2007 में ग्राम गागौनी निवासी सूरजभान पाल के साथ हुई थी। 23 जनवरी 2023 को सुबह छह बजे सूचना दी गई कि बेटी ने फांसी लगा ली है। इस पर वह आनन-फानन बेटी की ससुराल आया। यहां जब पहुंचा तब बेटी के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था। पिता ने दामाद सूरज भान व अन्य ससुरालियों पर बेटी की हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी पति की ओर से रिहाई के लिए जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे न्यायालय ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।