झांसी। आधी आबादी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट से खास खुश नजर नहीं आ रही है। महिलाओं का कहना है कि सोना-चांदी तो पहले से ही महंगा था। महिलाएं छोटी-छोटी बचत करके सोने-चांदी के गहने खरीदती हैं, अब बजट में भी सोना-चांदी महंगा हो गया, अब ये गहने महिलाओं के लिए और महंगे साबित होंगे। हालांकि 2 लाख की बचत पर 7.5 प्रतिशत का ब्याज मिलने से महिलाएं थोड़ा खुश भी हैं।
बुधवार को संसद में केंद्रीय बजट 2023-24 वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया। इसमें महिलाओं के लिए कई घोषणाएं की गईं। इसमें महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के लिए 25448 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
महिला सम्मान बचत पत्र योजना का प्रस्ताव रखा गया, जिसमें दो साल में 2 लाख तक की बचत पर 7.5 फीसदी ब्याज मिलेगा। लेकिन सोने-चांदी पर आई महंगाई महिलाओं को रास नहीं आई। इनका कहना है कि महिलाओं का गहना महंगा होने से शृंगार फीका लग रहा है। उधर, सर्राफा बाजार के ज्वैलर्स अंकुर अग्रवाल का कहना है कि शादी-ब्याह को छोड़ दें तो आम दिनों में महिलाएं सोना-चांदी कम ही खरीदती हैं। इससे उनकी बचत का पैसा बाजार में नहीं आ पाता है और बाजार मंदा चलता है। नौकरी पेशा महिलाएं पुरानी पेंशन की बहाली की आस लगाए थीं, वो भी नहीं हुआ। ऊपर से सोना, चांदी और प्लेटिनम के दाम बढ़ रहे हैं। सोना तो पहले से ही प्रति ग्राम 58000 रुपये के पार चल रहा है। ऐसे में आधी आबादी के घर के बजट प्रभावित हुए हैं।
बजट में रोजगार को लेकर कोई वादा नहीं किया गया है। महिला शिक्षा और रोजगार पर अलग से व्यवस्था होनी चाहिए। महिला सम्मान बचत पत्र निम्न वर्गीय परिवारों की महिलाओं के लिए संभव नहीं है। - योगिता द्विवेदी
महिलाओं के लिए बचत पर ब्याज दर का प्रावधान दिया है। लेकिन महिलाओं को प्रिय आभूषण की कीमतों में इजाफा कर दिया है। सोना सस्ता होना चाहिए था। खिलौने सस्ते होने से हर महिला को लाभ नहीं मिलेगा - तनुजा
टैक्स में सरकार ने कर्मचारियों का कान घुमाकर पकड़ा है। सरकारी कर्मचारी का दो माह का वेतन तो अब सिर्फ टैक्स में ही चला जाएगा। वहीं सोने-चांदी के दामों में बढ़ोतरी कर महिलाओं को निराश कर दिया है। - रचना तिवारी
सरकार ने आम चीजें सस्ती नहीं कीं। किसी भी चीज में बढ़ोतरी होने से घर का बजट हिल जाता है। सोना-चांदी महिलाओं के आड़े वक्त में भी काम आता है। बजट में राहत के नाम पर हमारे हाथ कुछ नहीं आया है। - अरुणा देवी निरंजन
लोग सोना केवल पहनने के लिए ही नहीं, बल्कि निवेश की दृष्टि से भी खरीदते हैं। ऐसे में इनकी कीमतों में वृद्धि नहीं की जानी चाहिए थी। ये बजट तो महिलाओं के लिए सामान्य ही रहा है, इसे खास नहीं कहा जा सकता है। - गायत्री
सोने-चांदी की कीमतें पहले से ही आसमान पर हैं। अब कीमतें और बढ़ने से यह पूरी तरह से आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएंगे। वित्त मंत्री खुद महिला हैं, उन्हें बजट में इसका ख्याल रखना चाहिए था, इसे नजरअंदाज किया गया।
- रानी राजपूत, शिवाजी नगर