झांसी। नारायण बाग के पास नगर पार्क की आरक्षित जमीन पर अवैध निर्माण होने पर एनजीटी ( राष्ट्रीय हरित अधिकरण) ने नाराजगी जताते हुए जेडीए को कार्रवाई शुरू करने को कहा है। एजीटी के निर्देश के बाद जेडीए प्रशासन ने इन इलाकों में बने भवनों का सर्वे आरंभ करा दिया है। तीन सप्ताह में यह रिपोर्ट तैयार करके एनजीटी के समक्ष पेश की जानी है। इसके चलते पिछोर, डडियापुर समेत अन्य इलाकों में बने करीब नौ सौ से अधिक घरों पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटक गई है।
दरअसल, महायोजना-2021 में लक्ष्मी ताल के निकट 198.38 हेक्टेयर क्षेत्र को नगर पार्क के तौर पर विकसित करने का प्रावधान किया गया था। इसमें से 42 हेक्टेयर जमीन में नारायण बाग विकसित हुआ लेकिन, करीब 100 हेक्टेयर जमीन पर कई मोहल्ले बस गए। प्राधिकरण से बिना नक्शा पास कराए ही यहां करीब 900 से अधिक घर बन गए। 14 दिसंबर को यह मामला दुबारा एनजीटी के पास पहुंचा। एनजीटी ने नगर पार्क की जमीन के अवैध कब्जे न हटाने पर अधिकारियों के खिलाफ ही धारा 26 के तहत कार्रवाई का अल्टीमेटम दे दिया। इसके बाद से प्राधिकरण अफसरों में भी खलबली मच गई। आनन-फानन मेें चार सदस्यीय सर्वे टीम बनाकर भवनों के चिन्हीकरण का काम भी शुरू करा दिया है। प्राधिकरण अफसरों का कहना है कि यह सर्वे रिपोर्ट अब एनजीटी को दी जाएगी।
नई महायोजना में बदल गई नगर पार्क की जमीन
नई महायोजना- 2041 में नगर पार्क की इस जमीन का भू-उपयोग बदलकर आवासीय में दर्ज कर दिया गया है। अब यह पूरा इलाका आवासीय के तौर पर चिन्हित हो गया है।
एनजीटी के निर्देश के मुताबिक सर्वे कार्य आरंभ कराया गया है। यहां बने भवनों को भी चिन्हित किया जाएगा। आगे जिस तरह से एनजीटी के निर्देश होेंगे, उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
दिनेश, सचिव
झांसी विकास प्राधिकरण