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Jhansi News: गर्मी में बुखार के दौरे का शिकार हो रहे नवजात शिशु

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- बाल रोग विभागाध्यक्ष ने बताया रोजाना भर्ती हो रहे आठ से 10 शिशु
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। गर्मी की वजह से नवजात शिशुओं की सेहत तेजी से बिगड़ रही है। कोई बुखार के दौरे की चपेट में आ रहा है तो कोई पीलिया, निमोनिया, श्वास रोग की। मेडिकल कॉलेज की एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट) फुल है और एक-एक बेड पर दो-दो नवजात शिशु भर्ती हैं।
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मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया गर्मी की वजह से नवजात शिशु डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) की चपेट में आ रहे हैं। इससे काफी बच्चे बुखार के दौरे के शिकार हो रहे हैं। यदि समय रहते इसका उपचार नहीं कराया जाता है, तो पांच फीसदी तक मिर्गी के दौरे की शुरुआत हो सकती है। पीलिया, निमोनिया और श्वास रोग के भी शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी बच्चे की हथेली-तलवा ठंडा महसूस हो, तो तुरंत दिखवाएं। बुखार होने पर ठंडक की जगह रखे और शरीर को पोंछते रहें। उन्होंने बताया कि रोजाना आठ से दस बच्चे बुखार के दौरे, पीलिया आदि के चिंताजनक हालत में भर्ती किए जा रहे हैं।
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ऐसे रखें नवजात का ख्याल
1. आठ से 10 बार स्तनपान अथवा मल त्यागना, आठ से नौ बार पेशाब करना मतलब बच्चा स्वस्थ।
2. शिशु की हथेली-तलवा गर्म होने का मतलब बुखार नहीं। हां, यदि हथेली-तलवा ठंडा है, तो तुरंत दिखाएं।
3. शिशु 10 बार से ज्यादा मल त्यागे व छह बार से कम पेशाब करें तो डॉक्टर को दिखाएं।
4. जन्म के कुछ समय बाद बच्चा सुस्त हो जाता है और बुखार आ जाता है, तो डाक्टर को दिखाएं।
5. बच्चे का शांत होना, टकटकी लगाकर देखने के साथ मुंह चलाना, हाथ-पैर टेढ़े करें तो तुरंत दिखाएं।
6. जन्म के दो-तीन दिन में नवजात के शरीर पर लाल दाने हो जाते हैं, वह पांचवें दिन से खत्म होने लगते हैं।
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