रेलवे के नए आरक्षण कार्यालय के बाहर कतार में लगने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां न तो पंखे लगे हैं और न शीतल जल की कोई व्यवस्था है। मजबूरन लोग कतार में खड़े रहकर पसीना बहा रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं हो रहा है। रेलवे ने 23 मार्च से 30 जून के बीच बने टिकटों के निरस्तीकरण 25 मई और स्पेशल ट्रेनों के टिकट बनाने का काम 22 मई से शुरू कर दिया है। प्रतिदिन पांच सौ से अधिक लोग अपने टिकट निरस्त कराने पहुंच रहे हैं। रेलवे आरक्षण कार्यालय में दो ही खिड़कियां खुलने के कारण लंबी- लंबी कतार लग रही है। लोग सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं कर रहे हैं। दूसरा शेड के नीचे पंखे नहीं हैं। गर्मी से लोगों का पल- पल काटना मुश्किल होता है। इस बात की बार- बार शिकायत लोग कर्मचारियों से करते हैं। यात्री शेड में शीतल जल का इंतजाम भी नहीं है। पानी के लिए लोग इधर- उधर भटकते रहते हैं। दो श्रमिक ट्रेनों से घर भेजे गए मजदूर झांसी। शुक्रवार को झांसी रेलवे स्टेशन से एक गोरखपुर व एक वाराणसी स्टेशन के लिए श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन चलाई गईं। इन ट्रेनों से तीन हजार से अधिक प्रवासी श्रमिकों को गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी भेजा गया। अभी मंडल के अलग- अलग स्टेशनों से 58 स्पेशल ट्रेनें चलाईं जा चुकी हैं।