फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: मंदिर में नवरात्र, मस्जिद में रमजान..मिसाल है यहां भजन और अजान

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। पूरे देश में इस बार माता के चैत्र नवरात्रों के साथ पाक रमजान शुरू होने की धूम है। दोनों ही धर्मों के लोग अपनी-अपनी संस्कृति के अनुसार पूजा और इबादत में लगे हैं। झांसी में भी पूजा और इबादत का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। यहां आमने-सामने स्थित मंदिर और मस्जिद में ईश्वर और अल्लाह के बोल में गजब का भाईचारा झलक रहा है। नवरात्र में जब मंदिर का घंटा बजता है तो मस्जिद में लाउडस्पीकर की आवाज बिल्कुल मंद कर दी जाती है। वहीं जब मस्जिद में अजान होती है तो मंदिर में तेज आवाज के साथ घंटा नहीं बजाते। मंदिर-मस्जिद का यह मेल यहां मिसाल बना हुआ है।
विज्ञापन




महारानी लक्ष्मीबाई की नगरी झांसी हमेशा से ही आपसी सौहार्द की मिसाल रही है। इस नगरी में दिवाली, होली, ईद और ईद-मिलादुन्नबी को सभी मजहब के लोग आपसी भाईचारे और अमन के साथ मनाते हैं। यहां बाहर दतिया गेट स्थित हनुमान जी का मंदिर और मस्जिद-ए-अक्सा आमने-सामने हैं। यह इलाका शहर भर में हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक माना जाता है। यहां पर मंदिर में आरती होने पर मस्जिद से होने वाली लाउडस्पीकर की आवाज को बंद या धीमा कर दिया जाता है। वहीं अजान के वक्त मंदिर से घंटों की आवाजें नहीं आती हैं। नवरात्र और रमजान चूंकि इस बार साथ-साथ पड़ रहे हैं, ऐसे में यहां पूजा और इबादत में सहयोग देने का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
बताते हैं कि बाहर दतिया गेट स्थित मस्जिद-ए-अक्सा तकरीबन सौ वर्ष पुरानी है। इतिहासकारों के मुताबिक इस मस्जिद का निर्माण महारानी लक्ष्मीबाई के समय कराया गया था। वहीं, मस्जिद के सामने स्थित मंदिर का निर्माण सन 1961 में कराया गया था। मंदिर और मस्जिद आमने-सामने होने के बावजूद यहां किसी भी तरह का विवाद सामने नहीं आया है। मंदिर में सुबह और शाम दोनों वक्त भगवान की आरती होती है। नवरात्र पर कई धार्मिक आयोजन भी हो रहे। इस दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। वहीं, मस्जिद में दिन में पांच बार अजान भी होती है।
विज्ञापन

खास बात यह है कि मंदिर में कोई भी बड़ा आयोजन या आरती होती है तो मस्जिद के लाउडस्पीकर की आवाज को धीमा या कई बार बंद कर दिया जाता है। वहीं, रमजान में तरावीह की नमाज हो या फिर जुमे की नमाज, इस दौरान मंदिर का घंटा नहीं बजाया जाता। खास बात यह है कि इस क्षेत्र में पानी की किल्लत भी बहुत रहती है। गर्मी में पानी का संकट काफी गहरा जाता है तो मस्जिद के कुएं से ही इलाके में पानी की आपूर्ति की जाती है।
इस इलाके के लोग अमन पसंद हैं। मंदिर में आरती होने पर मस्जिद की अजान के दौरान लाउडस्पीकर की आवाज को कम कर दिया जाता है। वहीं, मस्जिद में नमाज के दौरान मंदिर से घंटा भी बहुत धीमा बजाया जाता है।

अब्दुल रहमान, मुअज्जिन

इस इलाके में मंदिर और मस्जिद आमने-सामने हैं। लेकिन, दोनों ही मजहब के लोग एक-दूसरे की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। रमजान हो या नवरात्र दोनों ही धर्मों के लोग मिलजुलकर मनाते हैं। जब अजान होती है तो मंदिर में बजने वाला घंटा धीमा बजाया जाता है।
विज्ञापन

शुभम पटैरिया-प्रबंधक, मंदिर समिति
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें