झांसी। नगर निगम और बिजली विभाग के बीच भुगतान को लेकर चल रहे विवाद में पार्षद भी कूद पड़े हैं। पार्षदों का कहना है नगर निगम हर महीने करीब साढ़े सात लाख रुपये बिजली बिल चुकाता है वहीं, जनरेटर पर भी करीब 1.30 लाख के डीजल की खपत दिखाई जा रही। पार्षदों ने गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए नगर आयुक्त से जांच कराने की मांग की है। नगर निगम हर साल करीब 5.25 करोड़ रुपये सिर्फ डीजल-पेट्रोल पर खर्च करता है। निगम कार्यालय में दो जनरेटर लगे हैं। सामान्यता सुबह नौ से शाम के छह बजे के बीच विद्युत कटौती नहीं होती है लेकिन, पार्षदों का कहना है इनको चलाने के लिए हर महीना नियमित तौर पर 800-900 लीटर की पर्ची जारी होती है। हर महीना यह रकम करीब 1.30 लाख के आसपास होती है। पार्षद प्रदीप खटीक, उमेश जोशी समेत अन्य के मुताबिक इतनी बड़ी रकम होने के बावजूद इसका विवरण लॉक बुक में दर्ज नहीं होता। वहीं, नगर आयुक्त पुलकित गर्ग का कहना है कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। ब्यूरो