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बोर्ड बैठक में रोड़ा बन रही अफसरों की मनमानी

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : demo
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नगर निगम में बोर्ड बैठक को लेकर अफसरों और पार्षदों में ठन गई है। अफसरों  की मनमानी के चलते बोर्ड बैठक को लेकर अब तक निर्णय नहीं लिया जा सका है।  साथ ही पार्षद और बोर्ड की ओर से लगातार बैठक की मांग की जा रही है।  पार्षदों का तर्क है कि नगर निगम के अफसर उनके संवैधानिक अधिकार का हनन कर रहे हैं। दरअसल, नगर निगम में बजट को लेकर बोर्ड बैठक का आयोजन होना है। लॉकडाउन से  पहले 20 मार्च की तिथि तय की गई थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते बैठक को  टाल दिया गया। अब लॉकडाउन का तीसरा चरण शुरू हुआ और सरकार ने नियमों में  ढील दी, तो बैठक की मांग उठने लगी है। पिछले दिनों पार्षदों ने महापौर को  पत्र लिखकर बैठक कराने की मांग की थी। इसके बाद महापौर ने अफसरों को पत्र  लिखा, लेकिन अब तक अफसरों ने इसे लेकर कोई पहल नहीं की है। सूत्र बताते हैं  कि बैठक में बजट को लेकर चर्चा होनी है। अफसर तर्क दे रहे हैं कि सोशल  डिस्टेंसिंग का पालन नहीं होने के चलते बैठक नहीं हो सकती, लेकिन जिले में  लॉकडाउन के दौर में तमाम बैठकों का आयोजन हो रहा है। ऐसे में बजट की बोर्ड  बैठक को लेकर अफसरों की टालमटोल चर्चा का विषय बनी हुई है। पार्षदों का  कहना है कि अकारण बोर्ड बैठक को टाला जा रहा है। इसके चलते तमाम विकास  कार्य प्रभावित होंगे। पार्षद विकास खत्री ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग का  पालन करते हुए बोर्ड बैठक कराई जा सकती है, लेकिन अफसर इसे टाल रहे हैं।  पार्षद किशोरी प्रसाद रायकवार, महेश गौतम, विमल किशोर राही, दिनेश सिंह,  अरविंद कुमार ने बोर्ड बैठक कराने की मांग की है।
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