झांसी। बकाया भुगतान को लेकर नगर निगम और बिजली विभाग आमने-सामने आ गए हैं। बकाया न चुकाने पर बिजली विभाग ने जहां नगर निगम की बिजली काट दी वहीं, इससे तिलमिलाए निगम अफसरों ने बिजली विभाग को अपने बकाया की याद दिलाते हुए कुर्की तक का अल्टीमेटम दे डाला है।
नगर निगम हर माह कार्यालय, पार्क, कर्मशाला, गोशाला में इस्तेमाल होने वाली बिजली के एवज में करीब छह-सात लाख रुपये का भुगतान करता है लेकिन, पिछले दो महीने से बिजली का बिल नहीं जमा हो रहा है। महानगर में लगीं करीब 40 हजार स्ट्रीट लाइटों के बिजली बिल का भी करोड़ों रुपये बकाया है लेकिन, इसका भुगतान शासन स्तर से होता है। नगर निगम कार्यालय के बिजली बिल का भुगतान न होने से निगम पर करीब 12 लाख रुपये का बकाया हो गया था। इसके बाद बिजली विभाग पिछले तीन दिन से नगर निगम के अलग-अलग दफ्तरों की बिजली काट रहा था। कल बिजली विभाग ने नगर निगम कार्यालय समेत कर्मशाला की लाइट काट दी। इससे नगर निगम में अफरा तफरी मच गई। निगम अफसरों ने बिजली अभियंताओं से बात करके बिजली जुड़वाई लेकिन, नाराज निगम अफसर अब बिजली विभाग से भी अपना बकाया वसूलने पर अड़ गए। नगर निगम ने दक्षिणाचंल विद्युत वितरण के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर पिछले कई साल से 21 कार्यालय समेत सब स्टेशनों पर बकाये के तौर पर 5,23,98,028 रुपये के जल्द भुगतान की मांग की है। इस रकम के भुगतान न होने पर नगर निगम प्रशासन ने कुर्की की कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है।
नगर निगम पर काफी पैसा बकाया है। कई बार मांग पत्र भेजने के बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस वजह से ही कार्रवाई की गई।
डी.यादवेंदु
अधिशासी अभियंता नगरीय विद्युत वितरण खंड प्रथम
बिजली विभाग के कार्यालय एवं सब स्टेशन पर लगने वाले गृहकर का कई वर्षों से भुगतान नहीं हो रहा है। नगर निगम की ओर से नोटिस भेजी गई है। समय सीमा के भीतर भुगतान न होने पर कुर्की की कार्रवाई भी कराई जाएगी।
धीरेंद्र मोहन कटियार
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम