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छह महीने में नहीं शुरू हो सके 70 करोड़ रुपये के काम

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नगर निगम की बोर्ड बैठकों में प्रस्तावित होने वाले विकास कार्य अब तक ठप  पड़े हुए हैं। छह महीने में 70 करोड़ रुपये के विकास कार्य पूरे नहीं हो  सके हैं। ऐसे में लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पार्षदों में रोष है। नगर निगम में नवंबर 2019 में हुई बोर्ड बैठक में महानगर के विकास के लिए 70  करोड़ रुपये से विकास कार्यों का खाका खींचा गया था। इसमें 14वें वित्त  आयोग समेत तमाम विकास कार्यों को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद नगर निगम ने  सड़क निर्माण से संबंधित कई कार्यों के लिए दिसंबर माह में टेंडर निकाले  थे। इसके जरिए करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बीस कार्य कराए जाने थे।  इनमें वीरागंना लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के पास सड़क निर्माण, वार्ड नंबर  31, वार्ड संख्या 22 राजगढ़, वार्ड संख्या 34 नई बस्ती, वार्ड संख्या 24,  वार्ड संख्या 20, वार्ड संख्या 30 एवं कोछा भंवर में प्रस्तावित बस अड्डे  तक सड़क निर्माण समेत गौशालाओं का निर्माण कराया जाना था। निविदा निकलते ही  ठेकेदार एवं अभियंताओं के बीच पूल बनाने का खेल शुरू हो गया। मामले में 30  जनवरी को तकनीकी बिड खोली गई। इसमें चुनिंदा ठेकेदारों की बिड ही मंजूर  हुई। इन सभी ठेकेदारों ने प्राइज बिड से दो से चार फ ीसद कम दरें डाली थीं।  17 फरवरी को इसकी फ ाइनेंशियल बिड खोली गई। इसमें भी वही दो से चार फ ीसदी  रेट ही सामने आए। नगर आयुक्त के पास मामला पहुंचा, तो उन्होंने पूल  टेंडरिंग देख टेंडर निरस्त कर दिए। इसके बाद से अब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी  नहीं हो सकी है। ऐसे में विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। लोगों को परेशानी का  सामना करना पड़ रहा है। प्रस्तावित निर्माण कार्यों की टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए  पहले 17 मई की अंतिम तिथि तय की गई थी। जिसे अब बढ़ाकर 20 मई कर दिया गया  है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। एलएन सिंह, मुख्य अभियंता नगर निगम
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