झांसी। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अंजना की अदालत ने बदनीयती से नाबालिग को पकड़ने और उसके साथ छेड़खानी करने का आरोप सिद्ध होने पर अभियुक्त को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। यह मामला सात साल पुराना है।
विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि एक व्यक्ति ने थाना ककरबई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया था कि 26 अप्रैल 2015 को उसकी 12 साल की बेटी बकरी चराने जा रहीं थीं। इसी दरम्यान गजराज सिंह (40) वहां आ पहुंचा और बदनीयती बेटी को खींचकर पास में बने नाले की ओर ले जाने लगा। लड़की के चिल्लाने पर मौके पर कुछ लोग पहुंच गए। इस पर वह उसे छोड़कर गाली-गलौज करते हुए भाग गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त गजराज सिंह को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी न्यायालय ने सजा का ऐलान किया।