अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम सदन की बैठक में शनिवार को खूब हंगामा हुआ। पार्षदों ने नगर निगम के साथ-साथ बिजली, जल संस्थान से लेकर जल निगम तक के अफसरों को अलग-अलग मुद्दों पर घेरा। एक तरफ, सरकारी जमीनों पर कब्जा, टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाए तो दूसरी तरफ विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए हल्ला बोला।
पार्षद लखन कुशवाहा ने कहा कि आतिया ताल के सौंदर्यीकरण के नाम पर साढ़े सात करोड़ रुपये खर्च हो गए। मगर आज भी वहां नाले का गंदा पानी गिर रहा है। उसके पीछे स्थित शक्ति नगर आदि क्षेत्र में बारिश में जलभराव होने से लोगों को एक-डेढ़ महीने के लिए पलायन करना पड़ता है। जबकि, ये सिविल लाइन क्षेत्र में आता है। पार्षद हरिओम मिश्रा ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। इससे क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है। पार्षद दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अधिकारियों ने पार्षदों के मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट पर डाल रखे हैं। पार्षद उमेश जोशी ने कहा कि कुछ समय पहले वो जल संस्थान गए तो अधिशासी अभियंता बोले कि पांच मिनट बाद मिलेंगे। आधा घंटे तक वह खड़े रहे। जब मिले तो बैठने तक के लिए नहीं बोला। कहा कि जिन घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है, उनसे क्यों जल कर वसूला जा रहा है। एक्सीईएन ने बताया कि पाइप लाइन से सौ मीटर दूर वाले घरों से जल कर लिया जाता है। इस पर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि पाइप लाइन से 500-500 मीटर दूर स्थित घरों से भी जल कर लिया जा रहा है। पार्षद महेश गौतम बोले कि उन्होंने वार्ड के एक काम के लिए जल संस्थान के महाप्रबंधक को फोन किया तो कहा कि इतने छोटे से कार्य के लिए मुझे क्यों फोन किया। इस पर जीएम ने कहा कि उनके पास कोई फोन नहीं आया। पार्षदों ने कहा कि जल संस्थान के जेई, एई फोन नहीं उठाते हैं। इस पर नगर आयुक्त ने महाप्रबंधक से कहा कि सभी अधिकारियों को निर्देश दें कि फोन जरूर उठाएं। पार्षद राहुल कुशवाहा ने कहा कि जल संस्थान द्वारा कागजों में ही लीकेज सुधारे जा रहे हैं। जबकि, ठेकेदार को भुगतान कर दिया जा रहा है। नीता यादव ने बिजली विभाग को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। कहा कि 20-20 हजार रुपये लेकर बिजली के कनेक्शन दिए जा रहे हैं। अमित राय ने कहा कि सौ मीटर दूर खंभा होने पर भी बिजली का कनेक्शन दे दिया जा रहा है। उन्होंने सबूत के तौर पर वीडियो भी दिखाया। पार्षद नीता यादव ने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी जमीन बेची जा रही है। पार्षद अमित राय ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में नगर निगम की जमीन पर दुकान बन रही है। शिकायत की मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अंकित सहारिया ने कहा कि एक विज्ञापन एजेंसी ने पांच टेंडर ले रखे हैं। एक टेंडर के लिए 36.84 लाख रुपये जमा करने हैं। जबकि, अन्य चार टेंडर छोटे हैं, जिसका सालाना भुगतान एक लाख से भी कम है। फर्म द्वारा छोटे टेंडरों का पैसा तो पूरा चुका दिया गया है मगर बड़े टेंडर में 36.84 लाख में से सिर्फ चार लाख रुपये जमा हुए हैं। सदन की बैठक के ठीक एक दिन पहले नोटिस कटने पर भी पार्षद ने सवाल उठाए। कहा कि विभाग की भी इसमें संलिप्तता है। नगर आयुक्त ने कहा कि अगर कोई फर्म निगम को बकाया भुगतान नहीं करती है, उसका यूनीपोल, कैंटीलिवर आदि जब्त किया जाएगा। उसकी बिक्री करके बकाया वसूला जाएगा। खाता भी सीज कराया जाएगा। पार्षद ने कहा कि ईईएसएल पर काम न करने पर पिछले नगर आयुक्त ने 30 लाख रुपये पेनाल्टी लगाई थी। पिछले डेढ़ महीने से कंपनी की टीम नहीं आ रही है। दोबारा पेनाल्टी लगाई जाए। बैठक में मेयर बिहारी लाल आर्य, एलएलसी रमा निरंजन, एमएलसी बाबूलाल तिवारी, नगर आयुक्त सत्य प्रकाश, अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता, अपर नगर आयुक्त मो. कमर, उप सभापति सुशीला दुबे, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धीरेंद्र गुप्ता, पार्षद विकास खत्री, प्रदीप खटीक, रमा कुशवाहा, प्रियंका साहू, अर्चना राय, आशीष रायकवार आदि मौजूद रहे।
‘मेरा वार्ड पिछड़ा, इसलिए जमीन पर बैठूंगा’
झांसी। गरियागांव के पार्षद हरिओम मिश्रा सदन की बैठक के दौरान सीट की जगह जमीन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि उनका वार्ड पिछड़ा है। इसलिए वह जमीन पर बैठेंगे। उनके क्षेत्र में नगर निगम की जमीन पर कब्जे हो रहे हैं। शिकायत करने के बाद भी निगम अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे। वार्ड के सभी पांच नाले कच्चे हैं। उनके समर्थन में पार्षद आशीष तिवारी, अमित राय, कामेश अहिरवार भी जमीन पर बैठ गए। इस पर एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी ने कहा कि पार्षद सही कर रहे हैं। बाद में मेयर और साथी पार्षदों के समझाने पर उठे।
विपक्ष को बुलाने का मुद्दा उठा तो उखड़े बीजेपी पार्षद
झांसी। सदन की बैठक में पार्षद सुलेमान मंसूरी ने कहा कि शुक्रवार काे होटल में हुई बैठक में विपक्षी दलों के पार्षदों को पहले न्योता नहीं दिया गया था। बाद में बुलाने का निर्णय हुआ। इस पर भाजपा पार्षद दिनेश प्रताप सिंह, मुकेश सोनी, आशीष तिवारी नाराज हो गए। बोले कि भाजपा के नेता सदन ने पार्टी पार्षदों की बैठक बुलाई थी। ऐसे में अन्य दलों के पार्षदों को कैसे बुला लिया जाता।
हर वार्ड के प्रमुख मंदिर में होगी सजावट
झांसी। पार्षदों ने कहा कि शहर के 15 प्रमुख मंदिरों के अलावा भी 22 जनवरी को मंदिरों की सजावट की जानी चाहिए। इस पर नगर आयुक्त सत्य प्रकाश ने सभी पार्षदों से वार्ड के प्रमुख मंदिर की सूची मांगी। जिसे सोमवार को झालरों, दीपकों से रोशन किया जाएगा।
80 लाख खर्च हो रहे, अतिक्रमण जस का तस
राहुल कुशवाहा ने कहा कि नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटवाने के नाम पर क्षेत्र में बन रहे मकानों की निर्माण सामग्री उठा लाती है। कन्हैया कपूर बोले कि अतिक्रमण हटवाने के नाम पर हर साल 80 लाख रुपये खर्च होते हैं। तीन गाड़ियों का किराया, डीजल पर अलग से व्यय आता है। फिर भी स्थिति जस की तस है। प्रवर्तन दल प्रभारी कभी वार्ड में नहीं जाते हैं। निगम बैठने की तनख्वाह नहीं दे रहा है।
छह-छह महीने तक नहीं दी जा रही एनओसी
पार्षद महेश गौतम ने कहा कि नगर निगम में छह-छह महीने तक एनओसी लटकी रहती हैं। कोई सीधे आकर कार्यालय में मिल जाता है तो उसकी एनओसी जारी कर दी जाती है। पार्षद कन्हैया कपूर ने कहा कि तहसील में तीन दिन में एनओसी मिल जाती है तो निगम में क्यों नहीं। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सरकारी जमीन पर एनओसी दे दी जा रही है। इस पर अपर नगर आयुक्त ने कहा कि एक लिपिक का पटल बदला गया है। उसके पास से सात एनओसी लंबित की फाइल भी मिली हैं।
निरस्त हो बुंदेलखंड कल्चरल सेंटर का टेंडर
झांसी। पार्षद अंकित सहारिया ने आरोप लगाया कि बुंदेलखंड कल्चरल सेंटर का टेंडर विवादित व्यक्ति को दे दिया गया है। वहां तैनात कर्मचारी लोगों को धमका रहे हैं। अगर कोई जनहानि हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा। इस टेंडर को निरस्त किया जाए। अमित राय ने कहा कि गलत चरित्र प्रमाणपत्र लगाने पर फर्म संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। नगर आयुक्त ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेयर ने दी शुभकामनाएं, लगे जय-जय श्रीराम के नारे
मेयर बिहारी लाल आर्य ने बैठक शुरू होते ही सबसे पहले 22 जनवरी को अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर बनने की सभी को शुभकामनाएं दीं। इसके बाद पार्षदों ने जय-जय श्रीराम के नारे लगाने शुरू कर दिए।