फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चों को योग और पेंटिंग सिखा रहीं हैं मम्मियां

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। लॉकडाउन लगे एक सप्ताह हो चुका है। लॉकडाउन क ी वजह से सभी अपने घरों में हैं, ऐसे में महिलाओं को अपने बच्चों को घरों पर रोकना मुश्किल काम होता जा रहा है। घरों में पूरे दिन बच्चों की धमाचौकड़ी बनी रहती है। बच्चे खाने में नई-नई फरमाइशें कर रहे हैं। जिन्हें महिलाएं पूरी कर रहीं हैं। इसके बाद जो समय बचता है। उसमें महिलाएं बच्चों को कत्थक, योग, पेंटिंग, साज-सजावट की वस्तुएं सिखाने में ही व्यतीत कर रहीं हैं। यह बताते हुए महानगर की कई महिलाओं ने कहा कि लॉकडाउन के कारण सभी बच्चे अपने-अपने घरों पर हैं। इनके खेलने, पढ़ने, मनोरंजन आदि के लिए समय का निर्धारण कर दिया है। ताकि समय का सार्थक उपयोग हो सके।
विज्ञापन

बच्चों की खाने में प्रतिदिन नई-नई फरमाइशें हो रही हैं। ऐसे में यूट्यूब के कुकिंग चैनलों में नए-नए स्वास्थ्य वर्धक व्यंजन देखकर बनाती हूं।
- प्रियंका सक्सेना निवासी लक्ष्मी गेट
चैत्र की नवरात्र चल रही है। इस वजह से पूरा समय माता की पूजा-पाठ व भजन में ही निकल जाता है। घर में अष्टमी और नवमी की पूजा की तैयारी हो रही है।
- नीलम त्रिपाठी निवासी सुभाष गंज
लॉकडाउन में समय निकालने के लिए शिड्यूल बना रखा है। बच्चों को नियमित योग कराती हूं। दोपहर में चित्र आदि बनाना सिखाती हूं।
- वैजयंती सिकौरिया निवासी पुरानी तहसील
बच्चों को ड्राइंग बनवाने में ही काफी समय निकल जाता है। रामायण, महाभारत सहित अन्य धार्मिक सीरियल परिवार के साथ देखती हूं।
- ललिता अग्रवाल निवासी लक्ष्मण गंज
लॉकडाउन के कारण घर में काम और बढ़ गया है। बच्चे घर से बाहर न निकलें। इसके लिए पूरे दिन खासी मशक्कत करनी पड़ती है।
- मोनिका वर्मा निवासी सिविल लाइन
बच्चों को इस समय कत्थक नृत्य व पेंटिंग को सिखा रही हूं। उन्हें बुंदेली लोक कला संस्कृति से भी रूबरू करा रही हूं।
- अलका निवासी खाती बाबा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें