फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: मेडिकल कॉलेज में बीमार नवजात के साथ रहेगी मां

विज्ञापन
विज्ञापन
- जन्म के बाद तबीयत बिगड़ने पर नवजात शिशु के साथ एम-एसएनसीयू में भर्ती होगी प्रसूता
विज्ञापन

- मेडिकल कॉलेज में बनेगी 10 बेड की एम-एसएनसीयू
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में 10 बेड की एम-एसएनसीयू (मातृ-स्पेशल नवजात शिशु गहन देखभाल यूनिट) खुलने जा रही है। इसमें जन्म के बाद तबीयत बिगड़ने पर नवजात और मां दोनों को भर्ती किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में 20 बेड की एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट) है। कई ऐसे बच्चे आते हैं, जिनकी पैदा होते ही तबीयत ज्यादा बिगड़ जाती है। ऐसे हालात में मां और शिशु अलग-अलग हो जाते हैं। नवजात पहले स्तनपान से अक्सर वंचित हो जाता है, जबकि मां का पहला दूध अमृत समान होता है। डॉक्टरों के अनुसार मां के पहले दूध में कोलोस्ट्रम होता है, जो एंटीबॉडी व एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। कोलोस्ट्रम से नवजात की प्रतिरोधक क्षमता काफी बढ़ती है। इस समस्या का निदान करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने वर्तमान में चल रही 20 बेड की एसएनसीयू की जगह 10 बेड की एम-एसएनसीयू बनाने का फैसला लिया है, जो अगस्त तक शुरू हो सकती है। इसमें नवजात के साथ प्रसूता भी भर्ती होगी ताकि शिशु को समय-समय पर स्तनपान कराया जा सके। बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि 54 बेड का नया एसएनसीयू बनने के तुरंत बाद 20 बेड के एसएनसीयू में 10 बेड का एम-एसएनसीयू बना दिया जाएगा। इसमें मां अपने नवजात की देखभाल और स्तनपान करा सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनसेट
फोटो....
54 बेड की एसएनसीयू में उपकरण लगना शुरू
झांसी। मेडिकल कॉलेज में 54 बेड की नई एसएनसीयू बनने का काम तेजी से शुरू हो गया है। इसमें गंभीर शिशुओं के लिए 54 बेड के अलावा वेंटीलेटर, सी-पैप, मल्टी पैरा मॉनीटर, इन्फ्यूजन पंप आदि सेट करने का काम तेजी से किया जा रहा है। ऑक्सीजन की पाइप लाइन बिछाने का काम लगभग हो चुका है। इसके शुरू होते ही शिशुओं को बेड कम होने की वजह से भर्ती करने में आ रही दिक्कत काफी हद तक खत्म हो जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सब कुछ सही रहा तो जून के अंत तक नया एसएनसीयू शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें