अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। लहचूरा के बरुआमाफ गांव में दो माह की दुधमुंही बच्ची को जमीन पर भूख से तड़पता छोड़कर मां ने जहर निगल लिया। अचेत हाल में परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, यहां शनिवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। तीन दिन पहले ही मायके से वह ससुराल आई थी। परिजन उसके सुसाइड की वजह नहीं बता सके। शव का पोस्टमार्टम कराने के साथ ही पुलिस उसके सुसाइड की वजह तलाश रही है।
निवाड़ी निवासी गीता (20) की करीब डेढ़ साल पहले लहचूरा थाना के बरुआमाफ गांव निवासी प्रेमचंद से शादी हुई थी। प्रेमचंद परिवार के साथ आगरा में रहकर प्राइवेट काम करता है। उसने पुलिस को बताया कि तबीयत खराब होने पर गीता अपने मायके गई थी। मऊरानीपुर में उसे डॉक्टर को दिखाया गया। इसके बाद वह बरुआमाफ आ गई थी। 18 जुलाई को वह अपने दोस्तों से मिलने गया था। गीता बच्ची के साथ घर में अकेली थी। शाम को जब वह लौटकर आया तब गीता अचेत हाल में बिस्तर पर पड़ी थी। बिस्तर के पास जहर की शीशी पड़ी थी। दो माह की बिटिया भूख से तड़प रही थी। अचेत हाल में गीता को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। यहां उसकी मौत हो गई। गीता ने दो माह पहले ही बेटी को जन्म दिया। प्रेमचंद का कहना है कि परिवार में कोई विवाद नहीं रहता था। वह उसके जहर निगलने की वजह नहीं बता सका। वहीं, मायके पक्ष ने ससुरालजनों पर मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। सीओ लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, मामले की जांच की जा रही है।