रेलवे कोरोना महामारी को हराने और उससे पार पाने के लिए पूरी ताकत से जुटा हुआ है। वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए झांसी रेल मंडल की ओर से भी युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। मंगलवार को मंडल रेल प्रबंधक संदीप माथुर ने कोच आइसोलेशन वार्ड का भी निरीक्षण किया। प्रत्येक कोच में 8 आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं, जिसमे प्रत्येक वार्ड में आपातकालीन स्थिति में एक व्यक्ति को रखा जा सकेगा। बोगियों को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील करने के लिए शयनयान एवं सामान्य श्रेणी के कोच को परिवर्तित किया जा रहा है। इनमें आवश्यक बदलाव किए गए हैं। टॉयलेट को बाथरूम में परिवर्तित कर हैंड शॉवर, नल, बाल्टी, बाथ स्टूल की व्यवस्था की गई है । मच्छरों से बचाव के लिए कोच की सभी विंडोज पर प्लास्टिक की जाली लगाई गई है। आइसोलेशन कोच में डॉक्टर और अन्य मेडिकल स्टाफ को बैठने की सुविधा दी गई है। इसके अलावा कोच में एयर प्लास्टिक के पर्दे लगाए गए हैं । झांसी को 200 कोचों को आइसोलेशन वार्ड मेें परिवर्तित करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके पूर्व उन्होंने रेलवे अस्पताल का दौरा कर वहां व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया एवं उनमें सुधार के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए। मरीजों के लिए रेलवे चिकित्सालय में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। जिसमें आमने- सामने की पूछताछ प्रणाली के साथ वाई-फाई की सुविधा से सुसज्जित किया है। चिकित्सक, नर्सों व पैरामेडिकल स्टाफ को प्रोटेक्टिव गियर्स के साथ काम करने लिए प्रशिक्षित किया गया है।