संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बृहस्पतिवार को मोहर्रम की पांच तारीख होने पर अधिकांश इमामबाड़ों में ताजिये और बुर्राकें स्थापित की गईं। अकीदतमंदों ने फातिहा पढ़ी।
नबी के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम पर इमामबाड़ों में ताजिये रखने का रिवाज है। मोहर्रम की पांच तारीख को इमामबाड़ों में ताजिये स्थापित किए जाते हैं। बृहस्पतिवार को हजरत इमाम हुसैन की शहादत के नारे लगाते हुए लोग इमामबाड़ों पर पहुंचे, जहां ताजिये स्थापित किए गए।