झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के फूड टेक विभाग का प्रतिनिधित्व कर रहीं कृति पटैरिया ने श्रीअन्न से बने उत्पादों के बारे में जानकारी दी। बताया कि वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूसिन के तहत झांसी को बालूशाही मिली है। इसी को आगे बढ़ाते हुए मैदा और चीनी वाली बालूशाही के बजाय प्रोसो श्रीअन्न और गुड़ वाली बालूशाही तैयार की है। इसमें रिफाइंड या तेल के बजाय घी का प्रयोग किया गया है। इसको लेने के लिए विश्वविद्यालय के मेन गेट के पास लगे मिलेट प्वाइंट पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने अन्य उत्पादों से बने उत्पादों की भी जानकारी दी। इसी तरह मिलेट उपमा में रवा का नहीं प्रयोग किया गया, बल्कि उसकी जगह रागी, बाजरा और ज्वार का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, सूप, कुकीज, चीला आदि भी शामिल रहे। ब्यूराे