झांसी। महानगर में जेनेरिक दवाओं की मांग बढ़ गई है। आलम यह है कि महानगर के 22 जन औषधि केंद्रों से हर महीने 13 लाख की दवाएं बेची जा रही हैं। लोगों को सस्ती दरों पर दवाएं मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने जन औषधि केंद्र खोले हैं। यहां बिकने वाली जेनेरिक दवाओं पर लोगों का विश्वास बढ़ने लगा है। औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे ने बताया कि दिल और मधुमेह की जेनेरिक दवाओं की मांग महानगर में सबसे अधिक है। इसके अलावा बुखार, खांसी, दस्त, उल्टी, हड्डी रोग से जुड़ी दवाओं की मांग भी काफी है। केंद्रों पर ब्रांडेड की तुलना में दवाएं 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती मिलती हैं। हर माह 13 लाख रुपये की जेनेरिक दवाओं का व्यापार महानगर में किया जा रहा है।
अब जिला अस्पताल में खड़ी नहीं होंगी डायल-108 एंबुलेंस
झांसी। जिला अस्पताल में खुले स्थान की कमी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने डायल 108 एंबुलेंस खड़ी करने पर रोक लगा दी है। मंडलीय प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुमार कटियार ने इसे लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं। बता दें कि शुक्रवार को एंबुलेंस के चलते यहां ऑपरेशन को आ रहे डॉक्टर अस्पताल तक ही नहीं पहुंच सके, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। संवाद
मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण दिया
झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विवि की मधुमक्खी पालन प्रयोगशाला इंक्यूबेटर केंद्र में कीट विभाग द्वारा किसानों को मधुमक्खी पालन और शहद निकालने की प्रक्रिया के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने किसानों से मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में आने की बात कही। इस मौके पर निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. एसएस सिंह, विभागाध्यक्ष डॉ. पीपी जांभुलकर, वैज्ञानिक विजय कुमार मिश्रा, डॉ. वैभव सिंह उपस्थित रहे। संवाद