प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य प्रदीप कुमार जैन ने कहा कि भारतीय संस्कृति के संरक्षण में मीडिया का योगदान बहुत जरूरी है।
करगुवां जी के जैन तीर्थ में तीर्थ प्रभावना के सम्मेलन में सोमवार को उन्होंने कहा कि भारत के सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए भगवान राम, तीर्थंकर महावीर की मर्यादा और उनके संदेशों को आत्मसात करना चाहिये और मीडिया से जुडे़ लोगों को अधिक से अधिक अध्ययन करना चाहिये। विधायक सागर जैन ने कहा कि मीडिया के क्षेत्र में जैन समाज का बड़ा योगदान है। धार्मिक शिक्षण संस्थाओं को खोलने और बच्चों की साप्ताहिक पाठशाला लगाकर उन्हें नैतिक शिक्षा प्रदान करना आवश्यक है। भेल झांसी के पूर्व प्रबंध निदेशक मुकेश खासगीवाला व जैन पत्र संपादक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेंद्र जैन ने कहा कि पत्रकारों का सम्मान सरकार का कर्तव्य है। वरनावा गुरुकुल के अध्यक्ष ब्रह्मचारी अतुल भईया ने कहा कि भारत में संस्कृति के संरक्षण के लिए तमिलनाडु, कर्नाटक व बुंदेलखंड के विभिन्न क्षेत्रों के प्राचीन मंदिरों का संरक्षण आवश्यक है। आर्यिका पूर्णमति माता जी ने कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता ही उसकी जान है। इस अवसर पर कैलाश चंद्र जैन, शास्त्री परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री ब्रह्मचारी जय निशांत, विकास जैन ने भी विचार प्रकट किये। संचालन उत्तरांचल तीर्थ क्षेत्र कमेटी के महामंत्री प्रवीण कुमार जैन ने किया। आभार संकल्प जैन लकी ने जताया।