लॉकडाउन में शौकीनों को मांस भी धड़ल्ले से मिलने लगा है। हालांकि, इसकी कीमत जरूर उनको ज्यादा चुकानी पड़ रही है। एक किलो बकरे का मांस एक हजार रुपये तो मुर्गा दो सौ रुपये में मिल रहा है। मछली के दाम भी प्रति किलो तीन सौ से चार रुपये में छू रहे हैं। लॉकडाउन में मांस की बिक्री पर रोक चल रही है। चिकित्सकों ने भी लोगों से मांस खाने से मना किया है। लेकिन शौकीनों की अब यह जरूरत कई दुकानदार पूरी करने लगे हैं। शहर के कई दुकानदारों व मांस काटने वालों ने अपने घर से इसकी बिक्री शुरू कर दी है। ये लोग एक दिन पहले मोबाइल पर ऑर्डर ले लेते हैं। अगली सुबह ही जानवर काटने के बाद ऑर्डर के हिसाब से पैकिंग कर दी जाती है। इसके बाद लोग गुपचुप तरीके से ही मांस लेकर चले जाते हैं। या उनके घर तक पहुंचा देते हैं। इतना ही नहीं बकरे के मांस के दाम भी छह सौ रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये तक कर दिए हैं। शहर क्षेत्र में दस, पुलिया नंबर नौ में दो, सीपरी बाजार में तीन, नंदनपुरा में दो, बस स्टैंड पर दो व आसपास के गांवों में छह लोग बकरे का मांस बेच रहे हैं। इसी तरह मुर्गे की बिक्री में भी उछाल आ गया है। कोरोना वायरस के कारण जो लोग मुर्गे से परहेज कर रहे थे, अब उन्होंने दोबारा मुर्गा खाना शुरू कर दिया है। मुर्गा में दो सौ रुपये किलो में मिल रहा है। इधर, सिमरधा, सुकुवां- ढुकुवां, बिजौली, पारीछा बांध व नहर के आसपास वाले क्षेत्रों में दोपहर बाद मछली मिलना शुरू हो जाती है। मछली ढाई सौ से चार सौ रुपये तक बेची जा रही है। बाजार लग जाता है। लोग दूर- दूर से मछली खरीदने पहुंच रहे हैं। पुलिस को भी इस बात की भनक है, लेकिन कोई दखल नहीं दे रहा है।