रक्सा के ग्राम मठ के प्राचीन शिव मंदिर में शिवलिंग । अमर उजाला
मठ गांव में है शंकराचार्य परंपरा का शिवलिंग, बुंदेलखंड में आए थे आदि शंकराचार्य
झांसी। मठ गांव में एक हजार वर्ष से अधिक पुराना शिव मंदिर है। यह शंकराचार्य परंपरा का माना जाता है। मान्यता है कि गर्भगृह में विराजमान भगवान शिव की प्रतिमा आदि शंकराचार्य ने स्थापित की थी। मंदिर के आसपास कई साधुओं की समाधियां हैं। रक्सा रोड पर बाजना गांव से लगे मठ गांव में यह शिवालय है, जहां विराजे भगवान शिव को बैजनाथ स्वामी कहते हैं। शिवालय के आसपास प्रकृति का मनोरम दृश्य नजर आता है। मंदिर के पुजारी ब्रह्मानंद गिरी ने बताया कि पहले यह मंदिर टीकमगढ़ क्षेत्र में था, जो बाद में झांसी में शामिल हो गया। उनके अनुसार मंदिर परिसर में साधुओं की समाधियां भी है। उनके समाधि स्थल पर शिवलिंग स्थापित है। वह काफी प्राचीन है। बीकेडी के दर्शनशास्त्र विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर एसके त्रिपाठी ने बताया कि बुंदेलखंड के इस क्षेत्र में आदि शंकराचार्य का आगमन हुआ था। वह जहां - जहां ठहरे, वहां उन्होंने शिवलिंग की स्थापना की और शैव धर्म का प्रचार-प्रसार किया। मठ के गर्भग़ृह में स्थापित शिवलिंग की बनावट शंकराचार्य परंपरा के अनुसार है।