निवाड़ी के असाटी गांव निवासी कैलाश कुशवाहा (40) पुत्र श्याम लाल गांव में रहकर प्राइवेट काम करता था। परिजनों का कहना है कि कैलाश दिमाग से सनकी था। अक्सर अजीबो-गरीब हरकतें करता था। उसका पिछले तीन साल से झांसी में मनोचिकित्सक से इलाज चल रहा था। पिछले एक हफ्ते से वह बस मरने की रट लगाये था। शनिवार सुबह किसी बात पर पत्नी उमा से झगड़ा हो गया। उसने उमा को पिटना शुरू कर दिया। मां को पिटता देख उसके बड़े बेटे दीपक (17) और छोटे बेटे देवेंद्र (15) ने बीच बचाव की कोशिश की।
देवेंद्र ने दोनों बेटों को भी लात-घूसों से बुरी तरह पीटा। उसके बाद गुस्से में आकर वह अपने कमरे में चला गया। अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। उमा ने जब खिड़की से देखा तब वह कुंदे पर फंदा से लटका हुआ था। यह देख उमा ने शोर मचाना शुरू कर दिया। परिवार के लोगों ने दरवाजा तोड़कर उसे फंदे से नीचे उतारा।
परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। पिछले दो दिन से वह भर्ती था। मंगलवार सुबह हालत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। चचेरे भाई कुशल का कहना है करीब आठ दिन पहले भी कैलाश इस तरह की हरकत कर चुका। कैलाश ने उमा की पिटाई के बाद साड़ी के फंदे से उसका गला कस दिया था। बड़ी मुश्किल से परिवार के लोग उमा को बचा पाए। कैलाश के दो बेटे में बड़ा बेटा दीपक 12वीं एवं छोटा बेटा देवेंद्र 10वीं का छात्र है।