झांसी की सीमा के पास खतरा बनकर मंडरा रहे हैं दो टिड्डी दल। जी हां, झांसी से सटे हुए मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में दो टिड्डी दल मौजूद हैं, जिनमें कीटों की संख्या लगभग अस्सी लाख बताई जा रही है। हवा का रुख अनुरूप होते ही कभी भी है झांसी की सीमा में दाखिल हो सकते हैं। केंद्रीय टीम लगातार टिड्डियों की गतिविधि पर नजर जमाए हुए है। ईरान, पाकिस्तान और राजस्थान होते हुए मध्य प्रदेश के रास्ते पहला टिड्डी दल 22 मई को झांसी पहुंचा था। इसके बाद दो और टिड्डी दलों ने हमला बोला था। यहां इन कीटों ने कई गांवों में सब्जियों के खेतों को निशाना बनाया था। मिनटों में इन कीटों ने फसल बर्बाद कर दी थी। लेकिन, अब भी इन कीटों का खतरा कम नहीं हुआ है। झांसी से सटे मप्र के शिवपुरी जिले में दो टिड्डी दलों की मौजूदगी पिछले पांच दिनों से बनी हुई है। पहले इनकी संख्या करोड़ों में थी। लेकिन, लगातार रसायन के छिड़काव की वजह से तकरीबन अस्सी लाख कीट अब भी शिवपुरी में हैं। उप कृषि निदेशक कमल कटियार ने बताया कि शिवपुरी में लगातार टिड्डियों की निगरानी की जा रही है। केंद्रीय दल भी हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। हवा का रुख अनुरूप होते ही कभी ये यहां पहुंच सकते हैं। इनसे निपटने के लिए यहां पूरी तैयारियां हैं। हालांकि, लगातार रसायन के छिड़काव की वजह से इनकी संख्या काफी कम हो गई है, जिससे ये दल कमजोर हो गए हैं।