लॉकडाउन का असर एवं बिक्री में कमी आने के चलते शराब विक्रेता लाइसेंसधारियों ने आबकारी मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी व जिला आबकारी अधिकारी को दिया। इसमें मांग की गई कि बंदी के दिनों की लाइसेंस फीस वापस की जाए। साथ ही नीति में आंशिक बदलाव की मांग भी की गई। ज्ञापन में बताया कि देशी शराब का उपयोग करने वाले अधिकांश गरीब व दैनिक मजदूर होते है। इनमें अधिकांश अपने गृह जनपद में पलायन कर चुके है। ऐसे में आज के समय में देशी शराब की फुटकर दुकानों की बिक्री अपने औसत बिक्री सिर्फ एक चौथाई ही रह गई है। इसी प्रकार से विदेशी शराब की बिक्री का हाल है। शत प्रतिशत बिक्री न होने पर शराब व्यवसायी पूरी निकासी का उठान नहीं कर पाएगा। ऐसे में कोटा समाप्त कर दिया जाए। साथ ही बिक्री के आधार पर ही शराब की दुकानों का संचालन किया जाए।