अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार वर्मा-प्रथम की अदालत ने हत्या का आरोप सिद्ध होने पर पिता-पुत्र समेत तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर अर्थदंड भी लगाया। अभियुक्तों ने हत्या कर लाश को पेड़ पर लटका दिया था। न्यायालय ने नौ साल पुराने मामले में फैसला सुनाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र पांचाल ने बताया कि ग्राम धनरा निवासी राजाराम ने न्यायालय के माध्यम से रक्सा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि उसकी ग्राम रक्सा के डगरवाहा में पैतृक मकान व कृषि भूमि है। इस भूमि पर वह और अपने भाई मुन्ना व रामस्वरूप के साथ खेती करता है। तीनों भाई अपने-अपने हिस्से की जमीन पर खेती करते आ रहे हैं। गांव में ही रहने वाला नत्थू, कल्ला और उसका पिता बलवीर अक्सर उनकी जमीन से पेड़ काटकर ले जाते हैं। जानवरों से चरवाकर फसल को नुकसान पहुंचाते रहते हैं। नुकसान से बचाने के लिए भाई मुन्ना खेत पर ही कुटिया बनाकर रहने लगा था। विपक्षी कई बार मुन्ना को जान से मारने की धमकी दे चुके थे। वे भाई मुन्ना पर खेत छोड़कर भाग जाने का दबाव बनाते थे। 26 अक्तूबर 2014 की रात विपक्षियों ने भाई मुन्ना की लाठी-डंडों से हमलाकर और गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद विपक्षियों ने भाई के शव को पेड़ से लटका दिया था।न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त नत्थू, कल्ला और उसके पिता बलवीर सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर अभियुक्तों को एक-एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।