झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 304 अ के तहत दोषी पाए जाने पर पति समेत सास, ससुर एवं देवर को कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने पति रामराजा को दोषी ठहराते हुए सश्रम अजीवन कारावास की सजा सुनाई। सास रामकुमारी को दस वर्ष के सश्रम कैद जबकि ससुर हरदयाल एवं देवर बृजलाल को सात-सात साल की सजा सुनाई है। तहरीर वादी के मुताबिक बरुआसागर निवासी लक्ष्मन पाल ने अपनी पुत्री आनंदी की शादी रामराजा पुत्र हरदयाल पाल निवासी मोंठ से की थी। पति समेत सास एवं ससुर आनंदी को दहेज के लिए परेशान करते थे। सात जून 2017 को मारपीट के बाद आनंदी पर मिट्टी का तेल छिड़कर जला दिया गया।