अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। रंजिशन लाठी-डंडे से हमला कर युवक की हत्या करने का आरोप सिद्ध होने पर न्यायालय ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने नौ साल पुराने मामले में फैसला सुनाया।
विशेष अधिवकता विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि लहचूरा के ग्राम बड़ोर लहचूरा निवासी शिवलाल कुशवाहा ने लहचूरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें बताया था कि 13 जुलाई 2015 को उसका पुत्र दृगचंद (26) बाइक से गांव के कालीचरण के साथ सिजारी से घर लौट रहा था।
रास्ते में पैरेनी पुलिया के पास पहले से घात लगाए बैठे गांव के चंद्रपाल ने अपने साथी के साथ मिलकर उस पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया था। अस्पताल ले जाने पर बेटे को मृत घोषित कर दिया गया था।
पिता ने बताया कि उसका बेटा और आरोपी फरीदाबाद में एक साथ काम करते थे। वहां उनके बीच विवाद हुआ था। इसी रंजिश में आरोपी ने घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद चंद्रपाल के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। विशेष न्यायाधीश (डकैती) पवन कुमार शर्मा की अदालत ने मामले की पूरी सुनवाई के बाद अभियुक्त चंद्रपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इसके अलावा 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।इ