संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। हॉकी का हुनर सीखने के लिए खिलाड़ी पूरे जोश के साथ जुटे हैं। वे खेल की हर बारीकी को सीखकर धुरंधर बनना चाहते हैं। कोई फॉरवर्ड खेलकर गोल रोकना सीख रहा है, तो कोई गेंद को गोल करने की अलग-अलग तकनीकों से रूबरू हो रहा है।
मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय लखनऊ द्वारा आवासीय क्रीड़ा छात्रावास में प्रवेश के लिए केंद्रीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर में प्रदेश के 18 मंडलों से चयनित हॉकी के बालक वर्ग में 70 एवं बालिका वर्ग की 25 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसमें खिलाड़ी हॉकी की बारीकियों को जानने के लिए निरंतर अभ्यास कर रहे हैं। शिविर में इन खिलाड़ियों को खेल के प्रशिक्षण के अलावा अनुशासन के तरीके भी बताए जा रहे हैं। इनका सपना है कि बेहतरीन खिलाड़ी बनकर ओलंपिक में खेलकर देश के लिए मेडल हासिल करें।
- बनारस की रहने वाली आरती प्रजापति पिछले डेढ़ साल से हॉकी का अभ्यास कर रहीं हैं और राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता में झांसी, अयोध्या, बाराबंकी,गोरखपुर में खेल चुकी हैं। शिविर में उन्हाेंने रिसीविंग, हिट करना, स्टॉपिंग करने के तरीके सीखे। उनका कहना है कि वे बेहतर खेल सीखकर इंडिया की हॉकी टीम शामिल होना चाहती हैं।
- प्रयागराज की निवासी रिया गौर अपनी मां की प्रेरणा से हॉकी खेल रही हैं। प्रशिक्षण शिविर में हॉकी की बेसिक जानकारी के अलावा हिट करना, टेकलिंग करना, स्पीड वर्क करना सीखा है। वह ओलंपिक में खेलना चाहती हैं।
- आजमगढ़ के विपुल पाल पिछले तीन साल से हॉकी खेल रहे हैं। वे बताते हैं शिविर में उन्हाेंने हिट करना, स्कूप, ड्रिवलिंग और अनुशासन में रहना सीखा है। उनके पिता मुंबई में मजदूरी करते हैं। विपुल इंडिया की हॉकी टीम में खेलना चाहते हैं।
- लखनऊ के आदित्य कुमार ने प्रशिक्षण शिविर में स्कूप करना, थ्रीडी स्किल सीखा है। वे कहते हैं कि कई बार सीखने में गलतियां हो जातीं हैं, जिनको कोच द्वारा बताया जाता है। वो हाॅकी को क्रिकेट से आगे बढ़ाना चाहते हैं। ओलंपिक में खेलना और भारत के लिए मेडल जीतना उनका लक्ष्य है।