निबंधन विभाग द्वारा हर साल जमीनों के नए सर्किल रेट जारी किए जाते हैं। इसके पीछे उद्देश्य जमीन की सरकारी कीमतों को बाजारू कीमतों के समकक्ष लाना होता है। हालांकि, कोरोना काल की वजह से बीते दो सालों में इसमें कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई थी, परंतु इस साल जमीनों के दाम बढ़ने जा रहे हैं।
इस माह महानगर में जमीन की कीमतों में 20 प्रतिशत तक का इजाफा हो जाएगा। निबंधन विभाग सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी करने जा रहा है। इसका मसौदा तैयार कर लिया गया है, जिस पर आपत्तियां मांगी गईं हैं। आपत्तियों के निस्तारण के बाद नए सर्किल रेट लागू कर दिए जाएंगे।
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निबंधन विभाग द्वारा हर साल जमीनों के नए सर्किल रेट जारी किए जाते हैं। इसके पीछे उद्देश्य जमीन की सरकारी कीमतों को बाजारू कीमतों के समकक्ष लाना होता है। हालांकि, कोरोना काल की वजह से बीते दो सालों में इसमें कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई थी, परंतु इस साल जमीनों के दाम बढ़ने जा रहे हैं।
जिले के सभी छह सब रजिस्ट्रार कार्यालयों से जमीनों के नए सर्किल रेट के प्रस्ताव निबंधन विभाग को भेज दिए गए हैं, जिसके तहत नगर निगम क्षेत्र में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव रखा गया है। जबकि, नगर पालिका व नगर पंचायत क्षेत्र की जमीनों के सर्किल रेट में 10 प्रतिशत तक का इजाफा किए जाने की तैयारी है।
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हालांकि, कृषि भूमि के सर्किल रेट में आंशिक बदलाव ही किया जाएगा। प्रस्तावित सर्किल की सूची सार्वजनिक कर दी गई है, जिस पर आपत्तियां व सुझाव छह सितंबर तक लिए जाएंगे। आपत्तियों के निस्तारण के बाद नई दरें लागू कर दी जाएंगी।
सहायक महानिरीक्षक निबंधन प्रवीण सिंह ने बताया कि सर्किल रेट की प्रस्तावित सूची पर कोई भी व्यक्ति छह सितंबर तक आपत्ति दर्ज करा सकता है। आपत्तियों के निस्तारण के लिए सात सितंबर को बैठक होगी। इसके बाद नए सर्किल रेट लागू कर दिए जाएंगे।