जिले में बाहरी प्रदेशों से आए मजदूरों को उनकी योग्यता के आधार पर काम दिया जाएगा। इसे लेकर प्रशासन ने श्रम विभाग को जिम्मा सौंप दिया है। श्रम विभाग की टीमें बाहर से आए श्रमिकों की योग्यता के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। जिले में लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में बाहरी प्रदेशों से श्रमिक जिले में आए हैं। सरकार ने सभी श्रमिकों को रोजगार दिलाने के निर्देश दिए हैं। जिले में पहले से मनरेगा के तहत श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। लेकिन तमाम मजदूर ऐसे हैं, जो मनरेगा के कार्य में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसे लेकर सरकार ने श्रमिकों को उनकी योग्यता के आधार पर रोजगार दिलाने के लिए कहा है। इसके बाद श्रम विभाग ने बाहरी प्रदेशों और जिलों से आए श्रमिकों की योग्यता की पड़ताल शुरू कर दी है। पिछले दिनों मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने भी निर्देश दिए थे कि श्रमिकों से पूछा जाए कि वह क्या काम करते थे? किस क्षेत्र में निपुण हैं? विभाग डाटा संकलन के बाद प्रशासन को सूची सौंपेगा। जिसके बाद प्रशासन तय करेगा कि किस श्रमिक को कौन सा रोजगार मुहैया कराया जा सकता है। उप श्रम आयुक्त नदीम अहमद ने बताया कि श्रमिकों की योग्यता की पड़ताल की जा रही है। सूची तैयार कर प्रशासन को सौंपी जाएगी।