जिले में लॉकडाउन के दौर में मनरेगा मजदूरों के लिए रोजगार मुहैया कराने का माध्यम बनती नजर आ रही है। जिले में अब तक 45 हजार मजदूरों को काम दिया गया है। जबकि एक दिन में मजदूरों को काम देने के मामले में गुरसराय ब्लॉक सबसे आगे है। लॉकडाउन में मजदूरों को रोजगार देने के लिए सरकार मनरेगा कार्यों पर जोर दे रही है। जिले की 496 में से 445 ग्राम पंचायतों में जल संवर्धन, तालाब गहरीकरण, कुओं की खुदाई समेत तमाम काम शुरू हो गए हैं। जिसमें अब तक 45 हजार मजदूरों को रोजगार मिल चुका है। इसके साथ ही गुरसराय ब्लॉक में 8544 मजदूरों को काम दिया गया है। यहां मजदूरों को लगातार मनरेगा से जोड़ने की कवायद की जा रही है। जबकि बंगरा में 7961, बबीना में 3926, चिरगांव में 6064, मऊरानीपुर में 4855, मोंठ में 5895, बामौर में 5478 मजदूरों को काम मिला है। काम देने के मामले में सबसे पीछे जिले का बंगरा ब्लॉक है। यहां अब तक 2582 मजदूरों को ही काम मिल सका है। इसे लेकर अधिकारी लगातार प्रयास कर रहे हैं। डीसी मनरेगा रामौतार सिंह बताते हैं कि मनरेगा से मजदूरों को जोड़ने के लिए लगातार काम चल रहे हैं। इसमें प्रवासी मजदूरों को भी शामिल किया जा रहा है।